पेरिस में गूंजे वैदिक मंत्र! बना स्वामीनारायण मंदिर, PM मोदी बोले- सदियों तक याद रहेगा ये रिश्ता, भारत-फ्रांस रिश्तों को मिला संस्कृति का नया सेतु

नई दिल्ली। फ्रांस की राजधानी पेरिस में रविवार को भव्य स्वामीनारायण हिंदू मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधियों के बीच BAPS स्वामीनारायण संस्था के महंतस्वामी महाराज ने प्राण प्रतिष्ठा पूरी की। इस मौके पर दुनिया के कई देशों से संत, श्रद्धालु और मेहमान पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश के जरिए समारोह को संबोधित किया। उन्होंने मंदिर के निर्माण को भारत की पुरानी कारीगरी और फ्रांस की आधुनिक तकनीक के मेल का उदाहरण बताया। पीएम मोदी ने कहा कि यह मंदिर दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक जुड़ाव को और मजबूत करेगा।
पेरिस में भारतीय संस्कृति की भव्य झलक
पेरिस में बने इस मंदिर का निर्माण पारंपरिक भारतीय वास्तुकला और वैदिक शिल्प परंपरा के आधार पर किया गया है। मंदिर में भारतीय शैली के साथ फ्रांस की आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल हुआ है। करीब 5000 वर्गमीटर में फैले इस परिसर में मंदिर के अलावा सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए भी जगह बनाई गई है।
14 रथों के साथ निकली भव्य यात्रा
मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से पहले पेरिस में नगर यात्रा भी निकाली गई। इस दौरान 14 सजे हुए रथ आकर्षण का केंद्र रहे। इनमें देवी-देवताओं की मूर्तियां रखी गई थीं। पारंपरिक कपड़ों में कलाकारों ने नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। यात्रा एफिल टावर और एकोल मिलिटेर से होते हुए प्लास द ला कॉनकॉर्ड तक पहुंची।
मोदी ने बताया भारत-फ्रांस दोस्ती का नया अध्याय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत और फ्रांस के रिश्तों ने नई ऊंचाई हासिल की है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ दोनों देश वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध केवल राजनीति और कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे लंबे समय की सांस्कृतिक और मानवीय साझेदारी भी है।
ईरान में फ्यूल टैंकर में भीषण धमाका, 11 लोगों की मौत और 7 घायल; ब्रेक फेल होने से हुआ हादसा
AI से लेकर अंतरिक्ष तक बढ़ा सहयोग
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रक्षा, अंतरिक्ष और जलवायु जैसे कई अहम क्षेत्रों में साथ काम कर रहे हैं। दोनों देश 2026 को भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के रूप में भी मना रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में यह साझेदारी और नए अवसर पैदा करेगी।
भारतीय सैनिकों के बलिदान को किया याद
प्रधानमंत्री ने फ्रांस में भारतीय सैनिकों के ऐतिहासिक योगदान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों की जड़ें काफी पुरानी हैं। फ्रांसीसी विद्वानों ने संस्कृत और भारतीय दर्शन को समझने और दुनिया तक पहुंचाने में योगदान दिया। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमां रोलां के काम का भी उन्होंने उल्लेख किया।
योग और अध्यात्म ने भी जोड़े दिल
मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस के लोगों को जोड़ने में योग और आध्यात्मिक परंपराओं की भी अहम भूमिका रही है। उन्होंने श्री अरविंद आश्रम से जुड़ी 'द मदर' की यात्रा और श्रील प्रभुपाद स्वामी के फ्रांस दौरे का जिक्र किया। उनके मुताबिक, इन प्रयासों ने दोनों देशों के बीच आध्यात्मिक जुड़ाव को मजबूत किया।
‘मेड इन इंडिया, बिल्ट इन फ्रांस’
प्रधानमंत्री ने मंदिर की खासियत बताते हुए कहा कि यह 'मेड इन इंडिया' और 'बिल्ट इन फ्रांस' का शानदार उदाहरण है। मंदिर के लिए कई पत्थरों को भारत में तराशा गया और फ्रांस की आधुनिक इंजीनियरिंग की मदद से उन्हें आकार दिया गया। उन्होंने कहा कि यह मंदिर आने वाली पीढ़ियों के लिए भारत और फ्रांस के सहयोग की पहचान बन सकता है।
सेवा का केंद्र भी बनेगा मंदिर
पीएम मोदी ने कहा कि BAPS के मंदिर सिर्फ पूजा के स्थान नहीं होते, बल्कि सेवा के कामों से भी जुड़े रहते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पेरिस का यह मंदिर भी सामाजिक और सेवा गतिविधियों का केंद्र बनेगा। उनका कहना था कि यहां से भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों का संदेश फ्रांस के साथ यूरोप के दूसरे हिस्सों तक भी पहुंचेगा।



















