सत्य निकेतन में मौत का मलबा! 5 मंजिला इमारत ढही, 6 की मौत, CCTV में दिखा खौफनाक मंजर

नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इमारत का इस्तेमाल PG के तौर पर किया जा रहा था और इसमें कई छात्र रहते थे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, NDRF और CATS की टीमें तुरंत बचाव अभियान में जुट गईं। मलबे से कई लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन छह लोगों की जान नहीं बच सकी। राहत की बात यह है कि कुछ घायलों को अस्पताल पहुंचाकर इलाज शुरू किया गया है। मलबे में किसी और के दबे होने की आशंका को देखते हुए सर्च ऑपरेशन जारी है।
कुछ सेकेंड में जमींदोज हुई पूरी इमारत
सत्य निकेतन में हुए हादसे का CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें घटना की भयावह तस्वीर दिखाई दे रही है। वीडियो में एक बुजुर्ग व्यक्ति इमारत के पास अपनी छोटी-सी दुकान पर बैठे नजर आते हैं। अचानक ऊपर से धूल और मलबा गिरने लगता है। खतरा समझते ही वह वहां से भागने लगते हैं। इसके कुछ ही सेकेंड बाद पूरी इमारत नीचे आ गिरती है और सड़क पर धूल का बड़ा गुबार छा जाता है।
छह लोगों की मौत, कई घायल
हादसे के बाद राहत और बचाव दल ने मलबे से लोगों को निकालना शुरू किया। अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। कई घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में ले जाया गया। AIIMS के JPN एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में हादसे से जुड़े 10 मरीज लाए गए थे। इनमें कई लोगों को अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत घोषित कर दिया गया, जबकि एक गंभीर घायल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। कुछ घायलों का इलाज अभी चल रहा है।
ग्राउंड फ्लोर पर चल रहा था काम
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि हादसे के वक्त इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर रेनोवेशन का काम चल रहा था। इसी वजह से इमारत की मजबूती और निर्माण में हुए बदलावों को लेकर जांच शुरू की गई है। अधिकारियों के मुताबिक यह भी देखा जा रहा है कि काम के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं। इमारत काफी पुरानी बताई जा रही है।
मालिक और अन्य लोगों पर FIR
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में साउथ कैंपस थाने में FIR दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक कथित मालिक हरिओम और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ BNS की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि इमारत में किस तरह का निर्माण या बदलाव किया गया था और हादसे की असली वजह क्या थी।
MCD के पुराने नोटिस ने बढ़ाए सवाल
हादसे के बाद MCD की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक आसपास की कुछ इमारतों को पहले ही जर्जर और खतरनाक बताया गया था। पास की एक इमारत को खाली कराने और उसे गिराने का नोटिस भी जारी किया गया है। MCD ने साफ किया है कि अगर तय समय में इमारत नहीं गिराई गई तो निगम खुद कार्रवाई कर सकता है और खर्च मालिक से वसूला जाएगा।
CM रेखा गुप्ता ने लिया जायजा
हादसे की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता घटनास्थल पहुंचीं और अधिकारियों से बचाव अभियान की जानकारी ली। इसके बाद वह AIIMS ट्रॉमा सेंटर भी गईं, जहां घायलों का इलाज चल रहा है। सरकार की ओर से हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अभी भी मलबे में जिंदगी की तलाश
सत्य निकेतन में रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। NDRF की टीमें डॉग स्क्वॉड और दूसरे उपकरणों की मदद से मलबे में किसी व्यक्ति के फंसे होने की तलाश कर रही हैं। स्थानीय लोग भी बचाव टीमों की मदद कर रहे हैं। हादसे ने दिल्ली में पुरानी इमारतों, अवैध निर्माण और PG में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



















