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कार्यकाल पूरा ना कर पाने वाले तीसरे उपराष्ट्रपति बने धनखड़, जानें इससे पहले कब-कब हुआ ऐसा

कार्यकाल पूरा ना कर पाने वाले तीसरे उपराष्ट्रपति बने धनखड़, जानें इससे पहले कब-कब हुआ ऐसा
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। देश के 14वें उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को अचानक अपने पद से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे पत्र में स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए संविधान के अनुच्छेद 67(क) के तहत तत्काल प्रभाव से पद त्यागने की बात कही। 11 अगस्त 2022 को उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेने वाले धनखड़ का कार्यकाल 2027 तक था, लेकिन तीन साल पूरे होने से पहले ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

    क्यों दिया इस्तीफा?

    धनखड़ ने अपने पत्र में लिखा कि वे अब अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना चाहते हैं। इस्तीफे की घोषणा मानसून सत्र के पहले दिन हुई, जिससे संसद भवन से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल मच गई। विपक्ष ने इस इस्तीफे को सामान्य घटनाक्रम मानने से इनकार किया है और इसके पीछे अन्य कारणों की संभावना भी जताई है।

    कार्यकाल के पहले इस्तीफा देने वाले तीसरे उपराष्ट्रपति

    भारत के इतिहास में यह तीसरी बार है जब कोई उपराष्ट्रपति अपने कार्यकाल पूरा होने से पहले पद से हटे हैं। इससे पहले:

    • वीवी गिरि ने 1969 में राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए इस्तीफा दिया था।
    • भैरों सिंह शेखावत ने 2007 में राष्ट्रपति चुनाव हारने के बाद पद छोड़ दिया था।
    • बीडी जत्ती ने 1974 में उपराष्ट्रपति रहते हुए अंतरिम राष्ट्रपति का कार्यभार संभालने के लिए इस्तीफा दिया था।
    • जबकि कृष्णकांत एकमात्र उपराष्ट्रपति रहे हैं जिनका कार्यकाल के दौरान निधन हुआ (2002)।

    कौन हैं जगदीप धनखड़?

    जन्म: 18 मई 1951, किठाना गांव, झुंझुनू, राजस्थान

    शिक्षा: राजस्थान विश्वविद्यालय से विज्ञान स्नातक, फिर दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई

    करियर की शुरुआत: 1979 में वकालत से

    राजनीतिक सफर: 1989 में झुंझुनू से लोकसभा चुनाव जीता, बाद में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल भी रहे

    उपराष्ट्रपति पद के लिए योग्यता

    • भारतीय नागरिक होना चाहिए।
    • न्यूनतम आयु 35 वर्ष।
    • किसी लाभ के पद पर न हो।
    • नामांकन के समय 15,000 रुपए की जमानत राशि जमा करनी होती है।
    • यदि उम्मीदवार 1/6 वोट नहीं प्राप्त करता, तो जमानत राशि जब्त हो जाती है।

    उपराष्ट्रपति का चुनाव कौन करता है?

    • उपराष्ट्रपति का चुनाव लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों द्वारा किया जाता है।
    • इसमें राज्यसभा के मनोनीत सदस्य भी मतदान कर सकते हैं।
    • इस चुनाव में विधायक भाग नहीं लेते।

    धनखड़ के इस्तीफे के बाद अब देश को नया उपराष्ट्रपति चुनने की प्रक्रिया शुरू होगी। चूंकि राज्यसभा में एनडीए को बहुमत प्राप्त है, इसलिए संभावना है कि अगला उपराष्ट्रपति भी सत्ताधारी गठबंधन से ही हो सकता है। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि आने वाले दिनों में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति दोनों पदों को लेकर बड़ा फेरबदल हो सकता है।

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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