मुंबई। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर अपने दो दिवसीय भारत दौरे पर आज सुबह मुंबई पहुंचे। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा है, जिसे भारत और ब्रिटेन के बीच रणनीतिक साझेदारी को नए स्तर पर ले जाने के रूप में देखा जा रहा है।
स्टार्मर के साथ व्यापार, संस्कृति, शिक्षा और तकनीक से जुड़े 100 से अधिक प्रतिनिधियों का एक उच्चस्तरीय दल भी भारत आया है। मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनका स्वागत महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्रियों एकनाथ शिंदे व अजित पवार ने किया।
भारत रवाना होने से पहले कीर स्टार्मर ने विमान में अपने प्रतिनिधिमंडल का खुद कॉकपिट से स्वागत किया। उन्होंने घोषणा की- “मैं आपका प्रधानमंत्री बोल रहा हूं। यह कोई साधारण उड़ान नहीं, बल्कि ब्रिटेन का अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक मिशन है, जो भारत के साथ नए व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए आयोजित किया गया है।” उनका यह संदेश दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास और आर्थिक साझेदारी की नई दिशा को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 9 अक्टूबर को मुंबई में होगी। इस बैठक में दोनों नेता ‘विजन 2035’ के तहत भारत-ब्रिटेन रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। बैठक में व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, रक्षा, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा और आपसी जनसंपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा। दोनों देशों के बीच हुए व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (FTA) से जुड़े अवसरों की भी समीक्षा की जाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी और स्टार्मर ने इसी साल अगस्त 2025 में ब्रिटेन में FTA पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते का लक्ष्य 2030 तक आपसी व्यापार को दोगुना बढ़ाकर 120 अरब डॉलर तक पहुंचाना है। FTA के तहत भारतीय उत्पादों जैसे कपड़ा, चमड़ा और कृषि उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में अधिक अवसर मिलेंगे, जबकि ब्रिटिश व्हिस्की और कारों के लिए भारतीय बाजार और खुल जाएगा। यह समझौता दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी का मुख्य स्तंभ बन चुका है और निवेश के नए रास्ते खोल रहा है।
मुंबई प्रवास के दौरान स्टार्मर का कार्यक्रम बेहद व्यस्त है। वे आज कूपरेज ग्राउंड में एक फुटबॉल कार्यक्रम में शामिल होंगे और इसके बाद यशराज स्टूडियो का दौरा करेंगे। स्टार्मर कई प्रमुख भारतीय उद्योगपतियों और निवेशकों से मुलाकात भी करेंगे। शाम को उनके मिलने की संभावना विदेश मंत्री एस. जयशंकर से है। कल वे सीईओ मंच और ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट’ के छठे संस्करण में भी शामिल होंगे, जहां भारत-ब्रिटेन आर्थिक सहयोग पर चर्चा होगी।
भारत और ब्रिटेन के बीच संबंध सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं, बल्कि रणनीतिक, सांस्कृतिक और तकनीकी सहयोग तक फैले हैं। ‘विजन 2035’ के तहत दोनों देश मिलकर भविष्य की तकनीक, हरित ऊर्जा, रक्षा उत्पादन और शिक्षा के क्षेत्र में संयुक्त कार्ययोजना पर काम कर रहे हैं। स्टार्मर की यह यात्रा उस रिश्ते को और गहरा करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है, जिससे दोनों देशों के बीच निवेश और नवाचार के नए अवसर खुलेंगे।