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कॉन्टैक्ट लेंस खराब होने या फिर उसमें स्क्रैच आने पर डैमेज करता है कॉर्निया

आई स्पेशलिस्ट की राय, बारिश में कॉन्टैक्ट लेंस पहनने से बचें, सॉल्यूशन बदलते रहें
कॉन्टैक्ट लेंस खराब होने या फिर उसमें स्क्रैच आने पर डैमेज करता है कॉर्निया

प्रीति जैन- कॉन्टैक्ट लेंस अब सिर्फ चश्मे का नंबर लगाने वाले ही नहीं लगाते बल्कि अब इनका चलन इतना बढ़ गया है कि इन्हें लोग अपनी ड्रेस के साथ मैच करने लगाने लगे हैं, लेकिन यह ठीक बात नहीं है क्योंकि लोकल में खरीदे जाने वाले यह कॉन्टैक्ट लेंस हल्की क्वालिटी के होते हैं, जिससे आंखें डैमेज हो सकती है। दरअसल, लोकल लेंस में पानी का कंटेंट कम होने से यह मोटे होते हैं, जिससे आंखों में ड्रायनेस की प्रॉब्लम आती है। हाल में पॉपुलर टीवी एक्ट्रेस जैस्मीन भसीन का कॉर्निया कॉन्टैक्ट लेंस लगाने की वजह से डैमेज हो गया है। इसके बाद से इस विषय पर चर्चा शुरू हो गईं हैं। आई स्पेशलिस्ट के मुताबिक कॉन्टैक्ट लेंस की शेयरिंग भी बिल्कुल न करें।

कॉन्टैक्ट लेंस लगाने वाले इन बातों का रखें ध्यान

  • 6 से 7 घंटे से ज्यादा लगातार कॉन्टैक्ट लेंस लगाकर न रखें।
  • यदि एक दिन में लंबे समय तक लगाना है तो दो घंटे के लिए हटाकर फिर लगाएं।
  • कॉन्टैक्ट लेंस कॉर्निया पर ब्लड सप्लाई रोक देते है जिससे ऑक्सीजन का प्रवाह कम हो जाता है।
  • किसी भी तरह की परेशानी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं अन्यथा आंख की रोशनी भी जा सकती है।

कॉन्टैक्ट लेंस की शेयरिंग न करें, एक्सपायरी का रखें ध्यान

डेली डिस्पोजेबल और मंथली डिस्पोजेबल कॉन्टैक्ट लेंस लगा रहे हैं, तो उन्हें हर दिन या हर महीने जैसी उनकी एक्सपायरी है, उस हिसाब से यूज करें। हाइजीन मेंटेन रहे इसलिए मंथली और डेली डिस्पोजेबल लेंस मार्केट में आए हैं। लोग पार्लर में एक-दूसरे का यूज किया कलर कॉन्टैक्ट लेंस सिर्फ सॉल्यूशन में साफ करके लगवा लेते हैं, जबकि किसी दूसरे द्वारा यूज किया कॉन्टैक्ट लेंस किसी भी स्थिति में नहीं लगना चाहिए क्योंकि एक बार यदि कॉर्निया डैमेज हो गया तो आंखों की रोशनी तक जा सकती है। - डॉ. विनीता रामनानी, आई स्पेशलिस्ट

लेंस जब भी यूज करें सॉल्यूशन जरूर बदलें

आंखें बेहद कोमल और नाजुक ऑर्गन हैं। इनमें थोड़ी सी खरोंच, धूल या इन्फेक्शन से बड़ा जोखिम हो सकता है। कॉन्टैक्ट लेंस को साफ हाथों से न लगाना भी इंफेक्शन का कारण होता है। इसके अलावा कई लोग जिस सॉल्यूशन में कॉन्टैक्ट लेंस को रखते हैं, उसे बदलते नहीं है, जबकि उस सॉल्यूशन को कॉन्टैक्ट लेंस यूज करने के बाद हर बार और हर दिन बदलना चाहिए। बारिश के मौसम में आंख में पानी जाने से जब हम आंख को मलते हैं, तो हल्की सी खरोंच भी कॉर्निया डैमेज करती है। सॉल्यूशन से कॉन्टैक्ट लेंस का साफ किया जाता है, वो ब्रांडेड ही लें। स्वीमिंग करते समय कॉन्टैक्ट लेंस बिल्कुल न लगाएं। -डॉ. गजेंद्र चावला, नेत्र रोग विशेषज्ञ

People's Reporter
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