क्या रनिंग घुटनों के लिए हानिकारक?गलत ट्रेनिंग हो सकती है वजह, जानें सच

रनिंग को बहुत लोग अच्छी एक्सरसाइज मानते हैं। यह कैलोरी बर्न करने, वजन कम करने और हृदय स्वास्थ्य सुधारने में मदद करती है। लेकिन, अक्सर लोग सोचते हैं कि रनिंग करने से घुटने जल्दी घिस जाते हैं। आइए जानते हैं इस बारे में डॉक्टर क्या कहते हैं।
क्या रनिंग से घुटने घिसते हैं?
स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपिस्ट कहते हैं कि रनिंग से घुटने खुद नहीं घिसते। समस्या तब होती है जब लोग गलत तरीके से रनिंग करते हैं। दुनिया के टॉप एथलीट और मैराथन रनर्स रनिंग के साथ विशेष मसल्स ट्रेनिंग करते हैं। इससे घुटनों की हड्डी (पटेला) सही ट्रैक पर चलती है और किसी एक हिस्से पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता।
गलत ट्रेनिंग बन सकती है समस्या
गलत या बिना ट्रेनिंग के रनिंग करने पर पटेला की माल-ट्रैकिंग शुरू हो सकती है। घुटने को मोड़ते या सीधा करते समय पटेला (घुटने की टोपी) सही जगह पर नहीं चलता और खिसक जाता है। इसे पटेलर ट्रैकिंग डिसऑर्डर कहते हैं।
डॉक्टर्स के अनुसार, कई जिम ट्रेनर्स को इस बात की जानकारी नहीं होती। गलत एक्सरसाइज की वजह से धीरे-धीरे घुटने में दर्द शुरू होता है, घुटने में आवाज़ आती है और समय के साथ सीढ़ियां चढ़ना मुश्किल हो जाता है।
घुटने घिसने का असली कारण
डॉक्टर बताते हैं कि घुटने घिसने की असली वजह है कंड्रोमेलशिया पटेला। यह तब होता है जब मसल्स कमजोर हों और पटेला गलत ट्रैक पर चले। इसलिए अगर आप रनिंग करना चाहते हैं, तो पहले रनिंग-स्पेसिफिक मसल्स को मजबूत करना जरूरी है।
आमतौर पर मसल्स को मजबूत होने में 3-4 महीने लग सकते हैं। इस समय के बाद ही घुटनों पर अनावश्यक दबाव कम होता है।
मसल्स की मजबूती के लिए डाइट भी जरूरी
डॉक्टर्स का कहना है कि सिर्फ एक्सरसाइज ही काफी नहीं है। मसल्स को मजबूत बनाने के लिए सही पोषण और डाइट भी जरूरी है। मसल्स ग्रोथ के लिए- प्रोटीन रिच डाइट, विटामिन डी, क्रिएटिन मोनोहाइड्रेट, कुछ अन्य सप्लीमेंट्स। ये मसल्स रिकवरी और ताकत बढ़ाने में मदद करते हैं।











