हेल्थ डेस्क। सर्दियों का मौसम शुरू होते ही हम गर्म कपड़े और आरामदायक कंबल में हम लोग सिमट जाते हैं। इस दौरान प्यास कम लगने के कारण अक्सर लोग पानी पीना भूल जाते हैं। विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यह आदत आपकी सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। सर्दियों में भी शरीर को उतनी ही मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है जितनी गर्मियों में।
बता दें कि, एक्सपर्ट्स के अनुसार एक स्वस्थ व्यक्ति को रोजाना लगभग 8-10 गिलास (2 से 2.5 लीटर) पानी पीना चाहिए। जो लोग कम सक्रिय हैं और बैठकर काम करते हैं। उनके लिए लगभग 2 लीटर पानी पर्याप्त है। जबकि नियमित व्यायाम करने वाले या अधिक सक्रिय लोगों को 10 से 12 गिलास (2.5 से 3 लीटर) पानी पीना चाहिए। सर्दियों में प्यास कम लगती है। इसलिए शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए पानी पीने को एक आदत बनाना अत्यंत आवश्यक है।

लगातार कम पानी पीने से शरीर पर कई गंभीर असर पड़ सकते हैं जिनमें मुख्य रूप से किडनी को नुकसान शामिल है। क्योंकि पानी की कमी से किडनी का फिल्टरेशन कार्य धीमा हो जाता है। जिससे यूरिन गाढ़ा और गहरे रंग का आता है और टॉक्सिन शरीर से बाहर नहीं निकल पाते हैं। इसके अतिरिक्त, कम पानी से ब्लड वॉल्यूम कम हो जाता है। जिससे दिमाग तक ऑक्सीजन की मात्रा घट जाती है। फलस्वरूप फोकस में कमी, मूड स्विंग और थकान जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। साथ ही पानी की कमी डाइजेशन को धीमा कर देती है। जिससे कब्ज और अपच की समस्या बढ़ जाती है। खासकर तला-भुना खाना खाने पर।

पानी पीने के कई अन्य फायदे हैं, जैसे यह त्वचा को नमी प्रदान करता है और सूखापन दूर करता है। साथ ही, यह इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में सहायक है, जिससे सर्दी-जुकाम और फ्लू जैसे रोगों का खतरा कम होता है। इसके अलावा, पानी जोड़ों को चिकनाहट (लुब्रिकेशन) प्रदान करता है, जिससे उनकी जकड़न और अकड़न कम होती है।