Cardiac Arrest :हार्ट अटैक से कितना खतरनाक है कार्डियक अरेस्ट, दो दिन में इन मशहूर हस्तियों की गई जान

हेल्थ डेस्क। बॉलीवुड में हाल ही में दो दुखद खबरों ने सबको झकझोर कर रख दिया। सत्तर और अस्सी के दशक की मशहूर गायिका सुलक्षणा पंडित का 6 नवंबर को कार्डियक अरेस्ट से 71 साल की उम्र में निधन हो गया। वहीं एक दिन बाद फिल्म निर्माता संजय खान की पत्नी जरीन कतरक भी कार्डियक अरेस्ट की वजह से इस दुनिया को अलविदा कह गईं।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक में क्या फर्क है? आमतौर पर हम दिल की बीमारी को सिर्फ हार्ट अटैक समझते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि कार्डियक अरेस्ट एक अलग और बेहद खतरनाक स्थिति है, जो मिनटों में जानलेवा साबित हो सकती है। इन दोनों सितारों की अचानक मौत ने एक बार फिर दिल की इस खतरनाक बीमारी की ओर ध्यान खींचा है। आइए जानते हैं कि, कार्डियक अरेस्ट क्या है, इसके कारण क्या हैं और इससे अपनी जान कैसे बचाई जा सकती है।
कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक में क्या अंतर है?
अमेरिका के ओहियो में स्थित मेडिकल सेंटर क्लीवलैंड क्लीनिक की एक रिपोर्ट के अनुसार-
कार्डियक अरेस्ट: यह दिल की इलेक्ट्रिकल प्रणाली में समस्या होने के कारण दिल की धड़कन अचानक रुक जाने की स्थिति है।
हार्ट अटैक: यह तब होता है जब दिल की मांसपेशियों में खून का फ्लो बाधित हो जाता है।
कार्डियक अरेस्ट इलेक्ट्रिकल समस्या है, जबकि हार्ट अटैक ब्लड सर्कुलेशन से जुड़ी समस्या।
क्या है कार्डियक अरेस्ट?
कार्डियक अरेस्ट में दिल खून पंप करना बंद कर देता है। इससे व्यक्ति तुरंत बेहोश हो जाता है और अगर समय पर मदद न मिले तो यह कुछ मिनटों में जानलेवा साबित हो सकता है। यह स्थिति सडन कार्डियक अरेस्ट (SCA) के नाम से भी जानी जाती है। शरीर के अंगों को ऑक्सीजन की लगातार जरूरत होती है और दिल खून पंप न करने पर अंगों और पूरे शरीर में मौत का खतरा बढ़ जाता है।
कार्डियक अरेस्ट के कारण
- दिल की इलेक्ट्रिकल प्रणाली में गड़बड़ी
- Abnormal Heart Rhythms, खासकर वेंट्रिकुलर फिब्रिलेशन
- कार्डियोमायोपैथी
- हार्ट अटैक या हार्ट फेलियर
- कुछ दवाओं का असर
- गंभीर बीमारी या चोट (ट्रॉमा)
- कोकीन या अन्य नशीली चीजें
- ब्रुगाडा सिंड्रोम और लॉन्ग क्यूटी सिंड्रोम
कार्डियक अरेस्ट के लक्षण
- अचानक बेहोश होना
- दिल की धड़कन तेज या अनियमित होना
- चक्कर, कमजोरी या थकान
- सीने में दबाव या बेचैनी
- सांस लेने में कठिनाई
कभी-कभी यह बिना किसी चेतावनी के भी हो सकता है।
कार्डियक अरेस्ट के ठीक पहले शरीर में बदलाव
- सीने में दर्द या भारीपन
- मतली या उल्टी
- सांस लेने में कठिनाई
- अचानक गिरना या प्रतिक्रिया न करना
कैसे बचाई जा सकती है मरीज की जान?
कार्डियक अरेस्ट एक एमरजेंसी स्थिति है। तत्काल मदद के लिए-
सीपीआर (CPR): फेफड़ों और दिमाग तक ऑक्सीजन पहुंचाता है।
डिफिब्रिलेटर (Defibrillator): इलेक्ट्रिक शॉक देकर दिल की धड़कन को सामान्य करता है।
जल्द मदद मिलने पर मरीज की बचने की संभावना सबसे ज्यादा होती है। दिल की सेहत की अनदेखी करना किसी भी उम्र में भारी पड़ सकता है। इसलिए अपने और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए दिल की जांच कराना, लक्षणों को पहचानना और इमरजेंसी में डॉक्टर की मदद लेना बेहद जरूरी है।











