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सुप्रीम कोर्ट के एजीआर पर अनुकूल फैसले से राहत, वोडाफोन आइडिया के शेयर 10% उछले 

सुप्रीम कोर्ट के एजीआर पर अनुकूल फैसले से राहत, वोडाफोन आइडिया के शेयर 10% उछले 

नई दिल्ली/मुंबई। टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया के लिए सुप्रीम कोर्ट का फैसला बड़ी राहत लेकर आया है। 3 नवंबर को कंपनी के शेयर लगभग 10 प्रतिशत बढ़कर 9.58 रुपए पर पहुंच गए, जब सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वोडाफोन आइडिया ने एजीआर मामले में न केवल अतिरिक्त बकाया पर राहत मांगी है, बल्कि सभी बकाया की पुनर्मूल्यांकन की भी मांग की है। अदालत ने कहा कि केंद्र सरकार चाहे तो कंपनी को दोनों पहलुओं -अतिरिक्त बकाया और समग्र पुनर्मूल्यांकन-पर राहत देने पर विचार कर सकती है। अपनी याचिका में वोडाफोन आइडिया ने दूरसंचार विभाग द्वारा मांगे गए 9,450 करोड़ रुपए के अतिरिक्त एजीआर बकाया को चुनौती दी थी और ब्याज व जुमार्ने में छूट की गुहार लगाई थी। कंपनी पर कुल लगभग 83,400 करोड़ रुपए का एजीआर बकाया है, जबकि ब्याज और पेनल्टी मिलाकर कुल राशि करीब 2 लाख करोड़ तक तक पहुंच जाती है। इसे मार्च 2026 से कंपनी को 18,000 करोड़ रुपए सालाना भुगतान के रूप में अदा करना है। 

कोर्ट के रुख ने बाजार में पैदा की सकारात्मक प्रतिक्रिया

सुप्रीम कोर्ट के इस स्पष्टीकरण ने बाजार में सकारात्मक प्रतिक्रिया पैदा की। वोडाफोन आइडिया के साथ-साथ अन्य टेलीकॉम शेयरों में भी तेजी आई। इंडस टावर्स के शेयर 5 प्रतिशत और भारती एयरटेल के शेयर 1 प्रतिशत बढ़े। इससे निवेशकों के मन में यह उम्मीद जगी कि सरकार और अदालत के स्तर पर वोडाफोन आइडिया को कुछ न कुछ राहत मिल सकती है, जिससे कंपनी की वित्तीय स्थिति सुधरने का रास्ता खुलेगा। पहले के सुप्रीम कोर्ट आदेश में यह धारणा बनी थी कि वोडाफोन आइडिया ने केवल अतिरिक्त एजीआर बकाया पर राहत मांगी है, लेकिन कंपनी ने स्पष्ट किया कि उसने डॉट से वित्त वर्ष 2016-17 तक की सभी एजीआर देनदारियों का समग्र पुनर्मूल्यांकन और मिलान करने का निर्देश देने की भी मांग की थी। 

टीजीएच ने किया 6 अरब डॉलर का निवेश प्रस्ताव

बता दें 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने टेलीकॉम कंपनियों-भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया-की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया था, जिनमें एजीआर गणना में कथित गणितीय गलतियों को सुधारने की मांग की गई थी। कंपनियों का तर्क था कि गणना में दोहराव और त्रुटियां हैं, जिन्हें ठीक किया जाना चाहिए। हालांकि अदालत ने उस समय किसी भी सुधार से इनकार कर दिया था। अब कोर्ट का ताजा रुख कंपनियों के लिए राहत का संकेत माना जा रहा है। इसी बीच, एक और अहम खबर सामने आई है कि अमेरिकी प्राइवेट इक्विटी फर्म टिलमैन ग्लोबल होल्डिंग्स (टीजीएच) वोडाफोन आइडिया में 4 से 6 अरब डॉलर तक निवेश करने और कंपनी का संचालन नियंत्रण अपने हाथ में लेने पर बातचीत कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, यह निवेश तभी संभव होगा जब सरकार कंपनी के सभी बकाया-जैसे एजीआर और स्पेक्ट्रम भुगतान-पर एक समग्र राहत पैकेज प्रदान करे। यदि यह सौदा होता है, तो टीजीएच कंपनी का नया प्रमोटर बन जाएगा और वर्तमान प्रमोटर समूह आदित्य बिड़ला ग्रुप और यूके की वोडाफोन पीएलसी से नियंत्रण अपने हाथ में ले लेगा। 

Aniruddh Singh
By Aniruddh Singh

अनिरुद्ध प्रताप सिंह। नवंबर 2024 से पीपुल्स समाचार में मुख्य उप संपादक के रूप में कार्यरत। दैनिक जाग...Read More

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