Garima Vishwakarma
5 Feb 2026
भोपाल। मप्र सरकार का बजट 18 फरवरी 2026 को पेश किया जाएगा। इसकी तैयारियां सरकार ने शुरू की है तो विपक्ष भी इस सत्र में सरकार को घेरने की तैयारी में जुट गया है। मप्र ने इस वर्ष को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का ऐलान किया है। ऐसे में इस बार का बजट किसान, कृषि कार्य और रोजगार पर आधारित हो सकता है।
पिछले साल 12 मार्च 2025 को मध्य प्रदेश विधानसभा में वित्त वर्ष 2025–26 के लिए 4,21,032 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया था, जिसे सरकार ने विकास-मुखी और सभी वर्गों के हित में बताया था। यह बजट पिछले वित्त वर्ष 2024–25 के 3.65 लाख करोड़ रुपए के बजट से लगभग 15 प्रतिशत अधिक है।
राज्य सरकार ने बजट में नया कोई कर नहीं लगाया गया था और किसी भी मौजूदा कर की दर में वृद्धि नहीं की गई थी। बजट का लक्ष्य वर्ष 2047 तक मध्य प्रदेश को एक विकसित और उच्च-आय वाली अर्थव्यवस्था बनाना बताया गया था।
पिछले बजट में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के लिए लगभग 18,669 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया, जिसमें पात्र महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता बने रहने के साथ बीमा और पेंशन कवर की भी व्यवस्था प्रस्तावित की गई। इसके अलावा सीएम समृद्ध परिवार योजना, महिला कार्यों के लिए हॉस्टल निर्माण और महिलाओं के लिए सामाजिक सुरक्षा कवरेज जैसे प्रावधान शामिल किए गए।
बजट में कृषि और सहायक क्षेत्रों के लिए 58,257 करोड़ रु. का प्रावधान किया गया, जिसमें कृषि प्रोत्साहन, डेयरी विकास और किसान कल्याण योजनाएं शामिल थीं। पर्यटन और सांस्कृतिक विकास के लिए 1,610 करोड़, तथा 3000 किमी वन क्षेत्र में बाड़ जैसी पर्यावरण सुरक्षा पहलों पर भी खर्च प्रस्तावित थे।
बजट में डिजिटल यूनिवर्सिटी, रक्षात्मक विश्वविद्यालय, नए ITI खोलने और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में स्टेडियम/सुविधाएं विकसित करने जैसे प्रस्ताव शामिल किए गए। इन पहलों से रोजगार, कौशल विकास और ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में संतुलित विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।