PlayBreaking News

'मैं लौटूंगी...' प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेख हसीना ने वापसी को लेकर क्या कहा?

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एक बार फिर अपने देश लौटने की इच्छा जताई है। नई दिल्ली में आयोजित एक मीडिया संवाद के दौरान उन्होंने कहा कि वह दिसंबर में बांग्लादेश वापस लौटेंगी और सही समय आने पर इसकी पूरी जानकारी शेयर करेंगी। इस दौरान उन्होंने अवामी लीग, 2024 के छात्र आंदोलन और मौजूदा हालात पर भी अपनी बात रखी।
Follow on Google News
'मैं लौटूंगी...' प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेख हसीना ने वापसी को लेकर क्या कहा?
'मैं लौटूंगी...' प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेख हसीना ने वापसी को लेकर क्या कहा?

नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में शेख हसीना ने ऑडियो के माध्यम से पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि उनका लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्ष परंपरा में पूरा विश्वास है और वह अपने लोगों के बीच लौटेंगी। पूर्व प्रधानमंत्री ने 2024 के छात्र आंदोलन को शांतिपूर्ण आंदोलन मानने से इनकार करते हुए इसके पीछे संगठित समूहों के सक्रिय होने का आरोप लगाया। इसी के साथ शेख हसीना ने कहा उनकी सरकार ने बातचीत और कानूनी प्रक्रिया के जरिए स्थिति संभालने की कोशिश की थी। हसीना ने बांग्लादेश में मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए कहा देश का माहौल पूरी तरह बदल गया है।

'दिसंबर में अपने लोगों के पास वापिस लौटूंगी'

नई दिल्ली में फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया द्वारा आयोजित मीडिया इंटरेक्शन में शेख हसीना ने कहा दिसंबर में बांग्लादेश लौटने का इरादा है। वह पहले भी कई बार कठिन परिस्थितियों का सामना कर चुकी हैं और गिरफ्तारी भी झेल चुकी हैं, लेकिन कभी पीछे नहीं हटीं। लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों में उनका भरोसा आज भी कायम है। उन्होंने कहा कि सही समय आने पर वह अपनी वापसी की तारीख और उससे जुड़ी अन्य जानकारियां सार्वजनिक करेंगी। कार्यक्रम में उनके पार्टी सहयोगी और बेटे वीडियो के माध्यम से जुड़े, जबकि शेख हसीना ने केवल ऑडियो के जरिए अपनी बात रखी।

सरकार ने केजरीवाल के दावे को बताया भ्रामक, कहा- विमान ईंधन में एथेनॉल मिलाने की कोई योजना नहीं

देश की मौजूदा स्थिति पर जताई चिंता

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में उन्होंने अपने प्रिय बांग्लादेश को कठिन दौर से गुजरते देखा है। आज का बांग्लादेश वैसा नहीं है, जैसा देश की आजादी के बाद बनाने का सपना देखा गया था। 1971 में लाखों लोगों के बलिदान के बाद जिस लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र की नींव रखी गई थी, मौजूदा परिस्थितियां उससे अलग दिखाई देती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे देश में डर और असुरक्षा का माहौल फैल गया है, जिसका असर लोगों के घरों, दफ्तरों और सार्वजनिक जीवन पर भी दिखाई दे रहा है।

Breaking News

'छात्र आंदोलन में स्टूडेंट्स को भड़काया गया' 

शेख हसीना ने जुलाई-अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन को लेकर कहा कि शुरुआत से ही उनकी सरकार ने संवाद और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से समाधान निकालने की कोशिश की थी। उन्होंने खुद छात्रों को बातचीत के लिए प्रधानमंत्री आवास गणभवन आने का निमंत्रण दिया था और तीन मंत्रियों ने भी उनसे चर्चा की थी। सुधारों की मांग के पीछे कुछ संगठित समूह सक्रिय थे, जिन्होंने छात्रों की भावनाओं का उपयोग करते हुए आंदोलन को राजनीतिक दिशा दी। 

हिंसा और हमलों को लेकर किए दावे

पूर्व प्रधानमंत्री ने दावा किया कि 15 जुलाई के बाद आंदोलन का स्वरूप पूरी तरह बदल गया और इसके बाद देश में हिंसा, आगजनी, हमले और लूटपाट की घटनाएं बढ़ गईं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया, बांग्लादेश टेलीविजन भवन पर हमला हुआ और कई सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया। कानून लागू करने वाली एजेंसियों पर भी संगठित हमले हुए, कई पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की हत्या की गई और बड़ी संख्या में पुलिस थानों और चौकियों को आग के हवाले कर दिया गया। 

सुप्रीम कोर्ट से आसाराम बापू को राहत नहीं, अंतरिम जमानत की मांग खारिज

मुकदमों से नहीं डरने की कही बात

शेख हसीना ने कहा कि उनके खिलाफ फर्जी मामले दर्ज किए जा सकते हैं, लेकिन इससे उनके फैसले प्रभावित नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि वह अपने देश और लोगों से कभी अलग नहीं हुईं और हमेशा उनके हितों के लिए काम करती रहेंगी। डर उनके कर्तव्य और जिम्मेदारियों से बड़ा नहीं हो सकता। इसी के साथ पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि उचित समय आने पर वह अपने लोगों के बीच लौटेंगी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से अपनी राजनीतिक यात्रा आगे बढ़ाएंगी। 

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

Bhopal
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts