Aniruddh Singh
19 Jan 2026
Aniruddh Singh
19 Jan 2026
Aniruddh Singh
19 Jan 2026
Aniruddh Singh
19 Jan 2026
मुंबई। मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। 27 अगस्त से भारतीय वस्तुओं पर 50% अमेरिकी टैरिफ लगाए जाने ने निवेशकों की धारणा पर गहरा असर डाला है। इसी दबाव के चलते सेंसेक्स 849 अंक गिरकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 24,750 के नीचे फिसल गया। बाजार में बिकवाली का दबाव लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों पर दिखाई दिया। रियल्टी, हेल्थकेयर और पीएसयू बैंक शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। वहीं, केवल एफएमसीजी सेक्टर ही हरे निशान में ट्रेड करते दिखाई दिया। जबकि आईटी और बैंकिंग इंडेक्स भी लाल निशान में बंद हुए। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी टैरिफ का दबाव साफ दिखाई दिया। टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितताओं की वजह से निवेशकों ने आज के कारोबार के दौरान बड़ी संख्या में मुनाफावसूली की। अंतरराष्ट्रीय व्यापार तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार की कमजोरी को और बढ़ा दिया।
आज के कारोबार में कुछ शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया तो कई बड़े शेयर गहरे लाल निशान में बंद हुए। टॉप गेनर्स में पटेल रिटेल लिमिटेड का शेयर 12.83% चढ़ गया, एडेलवाइस फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयर में 6.97% की तेजी देखने को मिली और टाइम्सकैन लॉजिस्टिक्स 4.96% की बढ़त पर बंद हुआ। इसके अलावा ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज में 3.88% और पीवीआर इनॉक्स में 2.74% की तेजी देखने को मिली। इन कंपनियों में निवेशकों की खरीदारी जारी रही और इन्होंने बाजार की गिरावट के बावजूद मजबूती दिखाई। वहीं टॉप लूजर्स की सूची में वोडाफोन आइडिया सबसे ऊपर रहा, जिसका शेयर 9.33% टूटा। सीएट लिमिटेड के शेयर में 5.46% गिरावट दिखी। बलरामपुर चीनी मिल्स के शेयर में 5.35% की गिरावट देखने को मिली। स्ट्राइड्स फार्मा का शेयर 4.96% गिरकर बंद हुआ। वेदांता लिमिटेड के शेयर में भी 4.91% की गिरावट रही। इन कंपनियों पर बिकवाली का दबाव रहा, खासकर उन सेक्टर्स में जहां कच्चे माल की लागत और टैरिफ का असर अधिक है।
आज की ट्रेडिंग के दौरान मारुति सुज़ुकी का शेयर लगभग 3% चढ़कर 52 हफ्ते के उच्च स्तर पर पहुंच गया। कंपनी ने अपने नए इलेक्ट्रिक मॉडल e-Vitara को लॉन्च किया है, जिसके चलते निवेशकों का भरोसा बढ़ा और शेयर 24,700 रुपये के करीब पहुँच गया। ऑटो सेक्टर में यह सकारात्मक संकेत रहा, जिसने व्यापक गिरावट के बीच कुछ राहत दी। कुछ शेयर अपने 52 हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंच गए। इनमें नेशनल हाईवेज इंफ्रा ट्रस्ट और फोसे इंडिया लिमिटेड जैसे शेयर शामिल हैं। यह इस बात का संकेत है कि बाजार की गिरावट ने कई कंपनियों को उनके न्यूनतम स्तरों तक धकेल दिया है। सकारात्मक खबरों में वारी एनर्जी का नाम शामिल रहा। कंपनी की अमेरिकी सहायक इकाई को 452 मेगावाट सोलर मॉड्यूल की आपूर्ति का बड़ा ऑर्डर मिला। इस खबर से वारी एनर्जी का शेयर लगभग 1 फीसदी चढ़ गया और 3182 रुपए के स्तर पर जा पहुंचा। कुल मिलाकर, अमेरिकी टैरिफ प्रस्ताव, वैश्विक बाजारों में कमजोरी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भारतीय बाजार को दबाव में ला दिया।