Shivani Gupta
31 Jan 2026
Shivani Gupta
31 Jan 2026
Manisha Dhanwani
31 Jan 2026
शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक बेटा जादू-टोना के शक में अपनी मां की हत्या कर बैठा। उसने अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर डंडों और कुल्हाड़ी से हमला किया और तब तक मारा जब तक मां बेहोश नहीं हो गई। इसके बाद उन्होंने गला घोंटकर उसकी जान ले ली।
हत्या के बाद पांच लोगों ने मिलकर शव को खेत में दफना दिया। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर शव को बाहर निकाला। यह घटना दिखाती है कि अंधविश्वास और झूठे शक इंसानियत पर कितना भयानक असर डाल सकते हैं।
शहडोल जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कुटेला में 25 वर्षीय सत्येंद्र सिंह ने अपनी मां प्रेमबाई (45 वर्ष) की हत्या कर दी। सत्येंद्र को अपनी मां पर जादू-टोना करने का शक था। उसने यह मान लिया कि चाचा की मौत और परिवार की बीमारी के पीछे उसकी मां का तंत्र-मंत्र है।
सत्येंद्र ने अपने चाचा के बेटे ओमप्रकाश के साथ मिलकर अपनी मां को कुल्हाड़ी और डंडों से पीटा। जब मां बेसुध हो गई, तो उसने उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद तीन अन्य रिश्तेदारों—गुलाब सिंह, अमन सिंह और अमोद सिंह—की मदद से शव को खेत में दफना दिया गया।
यह वारदात 6 नवंबर की रात हुई। अगली सुबह जब प्रेमबाई घर पर नहीं दिखीं, तो ग्रामीणों को शक हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सत्येंद्र से पूछताछ की, और उसने पूरी घटना कबूल कर दी। उसकी निशानदेही पर शव खेत से बरामद किया गया। घटना के बाद गांव में मातम फैल गया।
ग्रामीणों ने बताया कि जब प्रेमबाई पर हमला हो रहा था, वह बेटे से कह रही थी—“मत मार, मैं तेरी मां हूं”। लेकिन अंधविश्वास में सत्येंद्र ने वार करना बंद नहीं किया।
पुलिस ने सत्येंद्र, ओमप्रकाश, गुलाब सिंह, अमन सिंह और अमोद सिंह को गिरफ्तार किया। डीएसपी राघवेंद्र द्विवेदी ने बताया कि यह हत्या अंधविश्वास के चलते की गई थी और साक्ष्य छिपाने के लिए शव को खेत में दफनाया गया।
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कर मामले में हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप में कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र जैसी मान्यताएं केवल अपराध नहीं बढ़ातीं, बल्कि पारिवारिक रिश्तों को भी नुकसान पहुंचाती हैं।