Naresh Bhagoria
19 Jan 2026
भोपाल। बालाघाट से कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे को डीएफओ नेहा श्रीवास्तव से 2-3 पेटी रकम मांगने के कथित मामले में क्लीन चिट मिल गई है। राज्य शासन को सौंपी गई दो सीनियर अफसर कोमालिका मोहंता और बासु कनोजिया की जांच समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि किसी भी गवाह ने नहीं की है। डीएफओ नेहा श्रीवास्तव ने 18 अगस्त को प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ), भोपाल को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि 16 अगस्त को विधायक अनुभा मुंजारे ने बालाघाट के फॉरेस्ट रेस्ट हाउस में मुलाकात के दौरान 2-3 पेटी रकम की मांग की। रकम नहीं देने पर विधायक ने अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया।
सूत्रों के मुताबिक, जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि डीएफओ नेहा श्रीवास्तव और विधायक अनुभा मुंजारे की मुलाकात बंद कमरे में हुई थी, इसलिए कोई प्रत्यक्ष गवाह नहीं था। किसी भी उपस्थित व्यक्ति ने रकम मांगने या अनुचित व्यवहार की पुष्टि नहीं की। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि विधायक को नोटिस जारी कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने लिखित जवाब नहीं दिया। इस संबंध में पुष्टि के लिए पीसीसीएफ (हॉफ) वीके अम्बाडे से बात करने का प्रयास किया गया है, लेकिन उन्होंने काल रिसीव नहीं की।
जांच रिपोर्ट आने के बाद विधायक अनुभा मुंजारे ने जांच रिपोर्ट को सत्य की जीत बताया और कहा कि अब वे उन पर झूठे आरोप लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगी। गौरतलब है कि डीएफओ ने 16 अगस्त को आरोप लगाया था कि विधायक ने फॉरेस्ट रेस्ट हाउस में मुलाकात के दौरान उनसे दो से तीन पेटी रकम की मांग की थी। यह मामला 3 सितंबर को सार्वजनिक होने के बाद जिले की राजनीति में हलचल मच गई थी।