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मुंबई। भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को मजबूती के साथ कारोबार समाप्त किया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 398 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 25,150 के स्तर के ऊपर टिकने में सफल रहा। बाजार में यह तेजी मुख्य रूप से आईटी शेयरों में आई मजबूती, क्षेत्रीय तनावों में नरमी और विदेशी निवेशकों के लौटने की उम्मीदों से जुड़ी रही। निवेशकों में सकारात्मक रुझान देखा गया, खासतौर पर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के तिमाही नतीजों से पहले आईटी सेक्टर में खरीदारी बढ़ने के कारण। आज के कारोबार में हेल्थकेयर और मेटल सेक्टर ने बाजार को मजबूती दी, जबकि ऑटो और मीडिया शेयरों पर कुछ दबाव बना रहा।
समग्र रूप से देखा जाए तो निवेशक भावना हल्की सकारात्मक रही और रक्षात्मक एवं औद्योगिक शेयरों में खरीदारी का झुकाव देखने को मिला। इस बढ़त के साथ निवेशकों में यह उम्मीद बनी हुई है कि आगामी तिमाहियों में कॉर्पोरेट आय में सुधार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिरता से बाजार को और समर्थन मिलेगा। आज के प्रमुख शेयरों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज और अल्ट्राटेक सीमेंट 2% तक चढ़े। इसके अलावा, टाटा स्टील, एनएमडीसी, सेल (SAIL) और हिंदुस्तान कॉपर जैसे धातु क्षेत्र के शेयरों में जोरदार उछाल देखने को मिला। हिंदुस्तान कॉपर 6.6% की छलांग लगाकर सबसे अधिक लाभ में रहा। वहीं, टाटा स्टील में 2.6% की वृद्धि दर्ज की गई। इन शेयरों में बढ़त का कारण वैश्विक धातु कीमतों में सुधार और घरेलू मांग में मजबूती मानी जा रही है।
आईटी सेक्टर की बात करें तो निवेशकों का ध्यान पूरी तरह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के तिमाही नतीजों पर केंद्रित रहा। इस उम्मीद में निवेशकों ने आईटी शेयरों में खरीदारी की। आज के कारोबार के दौरान इंफोसिस, विप्रो, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स और कोफोर्ज जैसे शेयरों में हल्की से मध्यम बढ़त दर्ज की गई। यह संकेत देता है कि बाजार को उम्मीद है कि आईटी कंपनियों के नतीजे स्थिर रहेंगे, खासकर अमेरिका और यूरोप से बढ़ते डिजिटल प्रोजेक्ट्स के चलते। वहीं, कुछ कंपनियों के शेयरों में गिरावट भी दर्ज की गई। टेकडी साइबरसिक्योरिटी लिमिटेड के शेयर 15% से ज्यादा टूटे, जबकि सात्त्वा इंजीनियरिंग और बारफ्लेक्स पॉलीफिल्म्स के शेयरों में भी करीब 5-7% की गिरावट आई। निवेशकों ने इन शेयरों में मुनाफा वसूली की, जिससे इनकी कीमतें नीचे फिसल गईं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, अमेरिकी बाजारों में हल्की सुस्ती देखने को मिली। निवेशक फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल के भाषण का इंतजार कर रहे हैं ताकि यह आकलन किया जा सके कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक अब महंगाई नियंत्रण पर अधिक ध्यान देगा या रोजगार को प्राथमिकता देगा। फेड की पिछली बैठक के मिनट्स में यह संकेत मिला कि महंगाई अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है, जिससे ब्याज दरों में कटौती की संभावना कुछ हद तक टल सकती है। कुल मिलाकर, भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को सकारात्मक माहौल रहा। विदेशी निवेशकों की संभावित वापसी, आईटी शेयरों की मजबूती और वैश्विक संकेतों के मिलेजुले रुझान के बीच निवेशकों का भरोसा बाजार में बना हुआ है। अगर वैश्विक आर्थिक संकेतक स्थिर रहते हैं और घरेलू कॉर्पोरेट नतीजे उम्मीद के मुताबिक आते हैं, तो निकट भविष्य में सेंसेक्स और निफ्टी में और बढ़त देखने को मिल सकती है।