सीहोर: औलादें जमीन के लिए भिड़ीं तो 75 साल का पिता पहुंचा पुलिस पंचायत, पैर छूकर बेटों ने मांगी माफी

सीहोर। सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत में इस बार ऐसे पारिवारिक और आर्थिक विवाद सामने आए, जिनमें रिश्तों की कसक, संपत्ति का विवाद और वर्षों से चला आ रहा तनाव दिखाई दिया। 75 वर्षीय बुजुर्ग की 4.5 एकड़ जमीन को लेकर चार बेटों और दो बेटियों के बीच चल रहे विवाद से लेकर 12 साल पुराने 15 हजार रुपए के लेनदेन तक मामलों में पुलिस पंचायत ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर समाधान की राह निकाली। कई मामलों में बुजुर्गों के सम्मान और भविष्य में विवाद नहीं करने पर सहमति बनी।
4.5 एकड़ जमीन के बंटवारे पर छह भाई-बहनों में खींचतान
मंडी क्षेत्र निवासी 75 वर्षीय बुजुर्ग ने शिकायत में बताया कि उनके चार बेटे और दो बेटियां हैं। जमीन का कुछ हिस्सा एक बेटे को कुछ राशि के बदले रजिस्ट्री किया जा चुका है, जबकि शेष जमीन को लेकर परिवार में विवाद की स्थिति बनी हुई है। चारों बेटे अलग-अलग खेती करते हैं और बुजुर्ग माता-पिता के पास वर्तमान में अपनी कोई जमीन नहीं है। बेटों द्वारा निर्धारित राशन उपलब्ध कराने से उनका गुजर-बसर चल रहा है।
बेटे की मारपीट पर पंचायत ने जताई कड़ी नाराजगी
परिवार में एक बेटे के साथ पहले विवाद और मारपीट की घटना भी सामने आई। सुनवाई के दौरान बेटों सहित अन्य पक्षों ने अपनी-अपनी बातें रखीं। बेटों का कहना था कि एक बेटे को अतिरिक्त जमीन दी जा चुकी है और इस तरह बंटवारा होने पर खेती करना मुश्किल होगा। पुलिस पंचायत ने पिता के साथ पूर्व में हुई मारपीट की कड़ी भर्त्सना करते हुए भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद, झगड़े या दुर्व्यवहार से दूर रहने की समझाइश दी।
पिता की सहमति से संपत्ति तय करने पर बनी सहमति
पुलिस पंचायत में बुजुर्ग को उनके संपत्ति संबंधी अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई और परिवार को समझाया गया कि संपत्ति से जुड़े निर्णय में बुजुर्ग की सहमति महत्वपूर्ण है। लंबी काउंसलिंग के बाद सभी पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि भविष्य में कोई विवाद नहीं करेंगे और संपत्ति से संबंधित निर्णय पिता की सहमति के अनुसार ही स्वीकार करेंगे। सहमति बनने के बाद बेटों ने पिता के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। यह दृश्य पुलिस पंचायत में मौजूद लोगों के लिए भावुक करने वाला रहा।
पारिवारिक झगड़ा एफआईआर तक पहुंचा, फिर पंचायत में बनी बात
दूसरे प्रकरण में सीहोर निवासी बुजुर्ग माता-पिता ने पारिवारिक विवाद और मारपीट के संबंध में शिकायत की थी। विवाद इतना बढ़ गया था कि मामला एफआईआर तक पहुंच गया। बुजुर्गों ने विवाद के कारण तनाव और खतरे की आशंका भी व्यक्त की। पंचायत के समक्ष सभी पक्षों को सुनने के बाद लंबे परामर्श के माध्यम से भविष्य में विवाद नहीं करने और बुजुर्ग माता-पिता का सम्मान करने पर सहमति बनाई गई।
बेटे-बहू ने बुजुर्गों के पैर छूकर मांगी माफी
पुलिस पंचायत ने दोनों पक्षों को समझाया कि पूर्व में जो घटनाएं हो चुकी हैं, उन्हें बदला नहीं जा सकता, लेकिन आगे की परिस्थितियों को बेहतर बनाया जा सकता है। परामर्श के बाद बेटे और बहू सहित अन्य परिजन बुजुर्गों के पैर छूकर माफी मांगने को तैयार हुए। सभी ने भविष्य में किसी प्रकार का झगड़ा या विवाद नहीं करने की सहमति दी।
12 साल से अटके 15 हजार रुपए के लेनदेन का अनोखा समाधान
देहात क्षेत्र के 80 वर्षीय बुजुर्ग ने बताया कि करीब 12 साल पहले आवश्यकता के समय उन्होंने एक व्यक्ति को 15 हजार रुपए उधार दिए थे, लेकिन रकम वापस नहीं मिली। दूसरे पक्ष का कहना था कि वह मूल राशि से अधिक रकम लौटा चुका है। दोनों पक्षों ने अपने-अपने गवाह भी प्रस्तुत किए, लेकिन उपलब्ध बयानों से यह स्पष्ट नहीं हो सका कि पूरी रकम वापस हुई थी या नहीं।
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न्याय और ईमानदारी का हवाला देकर दोनों पक्षों में सहमति
पुलिस पंचायत ने दोनों पक्षों को न्यायसंगत व्यवहार और लेनदेन में ईमानदारी के महत्व को समझाया। दोनों पक्षों की सहमति से तय हुआ कि संबंधित व्यक्ति एक माह के भीतर राशि आस्था के स्थल पर रखेगा। यदि बुजुर्ग स्वयं को सही मानते हैं तो राशि ले सकेंगे और यदि दूसरा पक्ष स्वयं को सही मानता है तो शपथपूर्वक अपना पक्ष घोषित करेगा। दोनों पक्षों की सहमति से राजीनामा दर्ज किया गया।
बुजुर्गों की शिकायतों पर लगातार सुनवाई
सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत की बैठक पुलिस अधीक्षक श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना के निर्देश पर आयोजित की गई। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे तथा कोर कमेटी सदस्य अनिल पालीवाल, कमल सिंह ठाकुर और विपुल चाण्डक उपस्थित रहे। विभिन्न प्रकरणों में बुजुर्गों की शिकायतों को सुना गया और कुछ मामलों में आगामी सुनवाई के लिए तिथियां निर्धारित की गईं।
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60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग कर सकते हैं शिकायत
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे ने बताया कि सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत में 60 वर्ष से अधिक उम्र का कोई भी बुजुर्ग अपनी समस्या लेकर आ सकता है। इसके लिए कार्यालय में निःशुल्क फार्म भरकर आधार कार्ड अथवा आयु प्रमाण-पत्र की फोटो कॉपी प्रस्तुत करनी होगी। पुलिस पंचायत का उद्देश्य बुजुर्गों की समस्याओं को सुनना, उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना और पारिवारिक विवादों में संवाद के माध्यम से समाधान की दिशा तैयार करना है।




















