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RBI ने लगातार तीसरी बार नहीं घटाई ब्याज दर, अगले 2 महीने सस्ता लोन नहीं; EMI में भी नहीं मिलेगी राहत

भारतीय रिजर्व बैंक ने लगातार तीसरी बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इस फैसले से अगले दो महीने तक न तो आपको सस्ता लोन मिलेगा और न ही आपकी EMI में कोई राहत मिलने वाली है।
RBI ने लगातार तीसरी बार नहीं घटाई ब्याज दर, अगले 2 महीने सस्ता लोन नहीं; EMI में भी नहीं मिलेगी राहत
RBI ने लगातार तीसरी बार नहीं घटाई ब्याज दर

अगर आप होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन सस्ता होने का इंतजार कर रहे हैं, तो फिलहाल आपको राहत नहीं मिलने वाली है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है और इसे लगातार तीसरी बार 5.25% पर ही बरकरार रखा है। इसका सीधा असर यह होगा कि नए लोन की ब्याज दरों में फिलहाल कमी नहीं आएगी और जिन लोगों के लोन फ्लोटिंग रेट से जुड़े हैं उनकी EMI भी अभी कम नहीं होगी।

ग्लोबल आर्थिक हालात अभी सामान्य नहीं

तीन दिन चली मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक के बाद RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि ग्लोबल आर्थिक हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हैं। कई देशों में जारी तनाव और अनिश्चितता के कारण महंगाई पर दबाव बना हुआ है। ऐसे समय में ब्याज दर घटाने से बाजार में नकदी बढ़ सकती है जिससे महंगाई और तेज होने का जोखिम रहेगा। इसी वजह से केंद्रीय बैंक ने फिलहाल रेपो रेट को 5.25% पर ही बनाए रखने का फैसला किया है।

EMI और लोन पर पड़ेगा असर

रेपो रेट स्थिर रहने का मतलब है कि फिलहाल:

  • होम लोन सस्ता नहीं होगा।
  • कार और पर्सनल लोन की ब्याज दरों में तत्काल राहत नहीं मिलेगी।
  • मौजूदा फ्लोटिंग रेट वाले लोन की EMI भी पहले जैसी बनी रहेगी।
  • अगले RBI पॉलिसी रिव्यू तक बड़े बदलाव की संभावना कम है।

FD कराने वालों के लिए राहत

जहां लोन लेने वालों को फिलहाल राहत नहीं मिली, वहीं बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराने वालों के लिए यह फैसला सकारात्मक माना जा रहा है। रेपो रेट स्थिर रहने से बैंकों के लिए FD पर ब्याज दरों में तत्काल कटौती की जरूरत नहीं होगी। हालांकि अलग-अलग बैंक अपनी लागत और बाजार की स्थिति के अनुसार ब्याज दरों में सीमित बदलाव कर सकते हैं।

कच्चे तेल की कीमतें भी बनीं चिंता

RBI ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में तेल महंगा होने पर पेट्रोल-डीजल, माल ढुलाई और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर असर पड़ सकता है। यही वजह है कि महंगाई को नियंत्रित रखने के लिए फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया गया।

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2026 में लगातार तीसरी बार रेपो रेट स्थिर

इस साल RBI की अब तक तीन मौद्रिक नीति बैठकें हो चुकी हैं।

  • अप्रैल 2026 - रेपो रेट 5.25%
  • जून 2026 - रेपो रेट 5.25%
  • अगस्त 2026 - रेपो रेट 5.25%

यानी लगातार तीसरी बैठक में केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों को यथावत रखा है।

2025 में तीन बार मिली थी राहत

इससे पहले वर्ष 2025 में RBI ने महंगाई में नरमी आने के बाद तीन चरणों में रेपो रेट घटाया था।

  • अप्रैल 2025 - 6.00%
  • जून 2025 - 5.50%
  • दिसंबर 2025 - 5.25%

इसके बाद से केंद्रीय बैंक ने महंगाई और ग्लोबल परिस्थितियों को देखते हुए ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।

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आम लोगों को फिलहाल राहत नहीं

  • फिलहाल होम, कार और पर्सनल लोन सस्ते नहीं होंगे।
  • EMI में तुरंत कोई राहत नहीं मिलेगी।
  • FD निवेशकों को मौजूदा ब्याज दरों का फायदा मिलता रहेगा।

अगली RBI नीति बैठक तक ब्याज दरों में बदलाव की संभावना ग्लोबल महंगाई और आर्थिक हालात पर निर्भर करेगी।

Sumit  Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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