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Raipur:रावतपुरा सरकार केस में CBI की फोन टैपिंग अवैध, हाईकोर्ट ने रिकॉर्डिंग्स मिटाने के दिए आदेश

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, फोन टैपिंग से जुटे सबूत नहीं होंगे मान्य; CBI की FIR और चार्जशीट बरकरार,HC की चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने रावतपुरा सरकार (रवि शंकर महाराज) से जुड़े फोन टैपिंग मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अदालत ने CBI द्वारा कराई गई फोन टैपिंग को अवैध घोषित करते हुए उससे प्राप्त सभी रिकॉर्डिंग्स को नष्ट करने का निर्देश दिया।
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रावतपुरा सरकार केस में CBI की फोन टैपिंग अवैध, हाईकोर्ट ने रिकॉर्डिंग्स मिटाने के दिए आदेश

रायपुर: रावतपुरा सरकार से जुड़े बहुचर्चित मेडिकल कॉलेज भ्रष्टाचार मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने CBI को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने फोन टैपिंग की पूरी प्रक्रिया को अवैध करार देते हुए सभी रिकॉर्डिंग्स नष्ट करने का आदेश दिया है। हालांकि जांच एजेंसी की FIR और चार्जशीट को रद्द नहीं किया गया है। अब CBI को बिना फोन टैपिंग के अन्य वैध साक्ष्यों के आधार पर मुकदमा आगे बढ़ाना होगा।

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हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, फोन टैपिंग रद्द

बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने रावतपुरा सरकार (रवि शंकर महाराज) से जुड़े फोन टैपिंग मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अदालत ने CBI द्वारा कराई गई फोन टैपिंग को अवैध घोषित करते हुए उससे प्राप्त सभी रिकॉर्डिंग्स को नष्ट करने का निर्देश दिया।

FIR और चार्जशीट पर राहत नहीं

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि फोन टैपिंग रद्द होने के बावजूद CBI की FIR और चार्जशीट को समाप्त नहीं किया जाएगा। एजेंसी अब फोन टैपिंग से मिले किसी भी ऑडियो या रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल नहीं कर सकेगी। मामले की सुनवाई केवल अन्य वैध दस्तावेजों, गवाहों और उपलब्ध कानूनी साक्ष्यों के आधार पर होगी।

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बैकडेट मंजूरी पर कोर्ट ने उठाए सवाल

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने CBI और गृह मंत्रालय की प्रक्रिया पर गंभीर टिप्पणी की। अदालत ने पूछा कि जब फोन टैपिंग का आदेश 28 जून 2025 को जारी हुआ, तो उसकी मंजूरी 1 जून 2025 से प्रभावी कैसे दिखाई गई। कोर्ट ने इसे प्रक्रिया में गंभीर विसंगति माना।

निजता के अधिकार का उल्लंघन माना

हाईकोर्ट ने कहा कि फोन टैपिंग किसी भी नागरिक की निजता के अधिकार में सीधा हस्तक्षेप है। ऐसे मामलों में कानून के तहत सार्वजनिक आपातस्थिति या जनसुरक्षा जैसी परिस्थितियों का स्पष्ट उल्लेख आवश्यक होता है, लेकिन इस आदेश में ऐसा कोई आधार नहीं दिया गया था।

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तीन आदेश एक साथ निरस्त

कोर्ट ने 28 जून 2025 को जारी CBI के फोन टैपिंग आदेश, 4 जुलाई 2025 को गृह मंत्रालय द्वारा दी गई पुष्टि और 15 सितंबर 2025 की रिव्यू कमेटी की कार्रवाई—तीनों को निरस्त कर दिया।

क्या है पूरा मेडिकल कॉलेज मामला

CBI ने 30 जून 2025 को देशभर के 35 मेडिकल कॉलेजों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। आरोप था कि स्वास्थ्य मंत्रालय और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से रिश्वत, फर्जी मरीजों और 'घोस्ट फैकल्टी' के जरिए मेडिकल कॉलेजों की मान्यता और निरीक्षण रिपोर्ट प्रभावित की गई।

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रावतपुरा सरकार क्यों बने आरोपी

रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, रायपुर के चेयरमैन होने के कारण रावतपुरा सरकार (रवि शंकर महाराज) को भी CBI ने इस मामले में आरोपी बनाया था। उन्होंने फोन टैपिंग के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर अब यह महत्वपूर्ण फैसला आया है।

PREM

मै People's Updates रायपुर,छग में CHIEF EDITOR के पद में कार्यरत हूँ।अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत...Read More

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