‘घर की कमाई शराब में जा रही’... लोहापठार में महिलाओं ने उठाई दुकान हटाने की मांग

सीहोर। लोहापठार में शराब की बिक्री को लेकर मंगलवार को महिलाओं का आक्रोश खुलकर सामने आया। बड़ी संख्या में आदिवासी महिलाएं कलेक्ट्रेट पहुंचीं और नारेबाजी करते हुए डिप्टी कलेक्टर किरण वरबड़े को ज्ञापन सौंपा। महिलाओं ने शराब को सिर्फ नशे की समस्या नहीं, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति, घरेलू शांति और बच्चों के भविष्य से जुड़ा गंभीर संकट बताते हुए गांव में संचालित शराब दुकान हटाने की मांग की।
जब घर की कमाई बोतल में जाने लगी
महिलाओं ने प्रशासन के सामने अपनी परेशानी रखते हुए कहा कि परिवार के पुरुष दिनभर मेहनत-मजदूरी करते हैं, लेकिन कमाई का बड़ा हिस्सा शराब में खर्च हो जाता है। घर लौटने के बाद नशे में विवाद और मारपीट की स्थिति बनती है। महिलाओं के मुताबिक, कई परिवारों में आर्थिक तंगी इतनी बढ़ रही है कि जरूरत का घरेलू सामान तक बेचने की नौबत आ जाती है।
नशे में घर लौटते पति, सहम जाता परिवार
महिलाओं ने कहा कि शराब का असर केवल शराब पीने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता। नशे में होने वाले झगड़ों का सबसे ज्यादा असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब के कारण परिवारों में आए दिन तनाव और मारपीट की स्थिति बनती है, जिससे घर का माहौल लगातार खराब हो रहा है।
जवान पीढ़ी को लेकर सबसे बड़ी चिंता
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि गांव में शराब आसानी से उपलब्ध होने से जवान बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। महिलाओं ने प्रशासन से कहा कि यदि समय रहते शराब की बिक्री पर नियंत्रण नहीं किया गया तो इसका असर आने वाली पीढ़ी पर पड़ सकता है।
कच्ची शराब का भी उठाया मुद्दा
ज्ञापन में महिलाओं ने लोहापठार सहित आसपास के क्षेत्रों में कच्ची शराब बनाए जाने और बिक्री होने का आरोप भी लगाया। उन्होंने सारस, मगरपाठ और झालपीपली में भी कच्ची शराब की बिक्री की शिकायत करते हुए संबंधित क्षेत्रों में जांच कराने की मांग की। महिलाओं का कहना था कि केवल एक दुकान पर कार्रवाई से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि अवैध शराब के पूरे नेटवर्क की जांच जरूरी है।
शराब और सड़क हादसों को लेकर सवाल
महिलाओं ने शराब के नशे के कारण सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं और अन्य घटनाओं का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि नशे की स्थिति में वाहन चलाने और सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने से गांव में विवाद का माहौल बनता है। महिलाओं ने प्रशासन से शराब बिक्री और नशे से जुड़े मामलों में सख्ती बरतने की मांग की।
शिकायतों के बाद भी समाधान नहीं होने का आरोप
महिलाओं का कहना था कि शराब की समस्या को लेकर पहले भी शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण मंगलवार को बड़ी संख्या में महिलाएं एकजुट होकर कलेक्ट्रेट पहुंचीं। उन्होंने प्रशासन से मौके की जांच कराने और शराब दुकान के संबंध में नियमों के अनुसार कार्रवाई करने की मांग रखी।
बच्चों के भविष्य की दुहाई देकर कार्रवाई की मांग
कलेक्ट्रेट पहुंची बबिता बाई, मंजू बाई, शिलाबाई, प्रमिला, जया बाई, शिप्राबाई, सुगनबाई, भगवती और देवली बाई सहित अन्य महिलाओं ने कहा कि उनकी मांग किसी एक परिवार तक सीमित नहीं है। वे चाहती हैं कि गांव में ऐसा माहौल बने, जहां बच्चे नशे से दूर रहकर पढ़ाई और रोजगार की ओर बढ़ें।
प्रशासन के सामने महिलाओं की सीधी मांग
महिलाओं ने लोहापठार में शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, शराब दुकान हटाने और अवैध रूप से शराब बेचने वालों के खिलाफ जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। अब महिलाओं की इस सामूहिक शिकायत के बाद प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई होती है, इस पर ग्रामीणों की नजर है।




















