Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

दिल्ली में कानून-व्यवस्था की समीक्षा, LG ने महिला सुरक्षा के लिए पिंक फोर्स बनाने के दिए निर्देश

दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू ने पुलिस मुख्यालय में कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। महिला सुरक्षा के लिए पिंक फोर्स और शिकायतों की डिजिटल ट्रैकिंग के निर्देश दिए।
दिल्ली में कानून-व्यवस्था की समीक्षा, LG ने महिला सुरक्षा के लिए पिंक फोर्स बनाने के दिए निर्देश
दिल्ली में कानून-व्यवस्था की समीक्षा

दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार टीएस संधू ने मंगलवार, 22 सितंबर को पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर राजधानी की कानून-व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में पुलिस कमिश्नर के अलावा एसीपी और उससे ऊपर के स्तर के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान उपराज्यपाल ने अधिकारियों से अब तक किए गए काम और उसके जमीनी असर की जानकारी ली। उन्होंने यह भी पूछा कि पुलिस की ओर से किए जा रहे प्रयासों का आम लोगों को कितना लाभ मिल रहा है। यह उपराज्यपाल का 24 जून के बाद पुलिस मुख्यालय का दूसरा दौरा बताया गया है।

नागरिकों का भरोसा बढ़ाने पर जोर

उपराज्यपाल ने कहा कि दिल्ली पुलिस की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के साथ पुलिस के प्रति उनका भरोसा मजबूत करना होना चाहिए। उन्होंने पुलिस थानों में आने वाले लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुनने और समयसीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस थाने ऐसे होने चाहिए जहां शिकायत लेकर पहुंचने वाले नागरिकों को उचित तरीके से सुना जाए और उनकी समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।

महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनेगी पिंक फोर्स

बैठक में महिला सुरक्षा को लेकर विशेष निर्देश दिए गए। उपराज्यपाल ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के मामले में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इसी के तहत दिल्ली पुलिस को पिंक फोर्स तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों की विशेष गश्ती इकाइयां शामिल होंगी। इन टीमों की तैनाती स्कूलों, कॉलेजों, मेट्रो स्टेशनों और महिलाओं के लिहाज से संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में करने की योजना है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाना और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करना है। उपराज्यपाल ने गोवा पुलिस की पिंक फोर्स को इस व्यवस्था के लिए मॉडल के तौर पर अपनाने की बात कही।

छेड़छाड़ के खिलाफ ऑपरेशन शिष्टाचार जारी रखने के निर्दे

महिलाओं से बदसलूकी और सार्वजनिक स्थानों पर छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिए ऑपरेशन शिष्टाचार के तहत कार्रवाई जारी रखने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही जनसुनवाई से जुड़ी शिकायतों के लिए डिजिटल ट्रैकिंग व्यवस्था विकसित करने को कहा गया है। इसके तहत शिकायत दर्ज होने के बाद शिकायतकर्ता को उसकी स्थिति की जानकारी दी जाएगी और तय समयसीमा में कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यदि किसी शिकायत का संबंध दूसरे विभाग से है तो उसे बिना देरी के संबंधित विभाग को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

बच्चों की सुरक्षा पर विशेष अभियान

बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी पुलिस को विशेष जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया है। स्कूलों में पॉक्सो कानून, बाल सुरक्षा, साइबर अपराध, नशे और सड़क सुरक्षा से जुड़े विषयों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने और हर तीन महीने के लिए कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। उपराज्यपाल ने 5 से 15 वर्ष तक के बच्चों के लिए स्थानीय स्कूलों और आरडब्ल्यूए के सहयोग से खेल गतिविधियां आयोजित करने पर भी जोर दिया।

नशे के कारोबार और साइबर अपराध पर सख्ती

बैठक में नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ खुफिया जानकारी के आधार पर लगातार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। पुलिस थानों में साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों को संभालने की क्षमता बढ़ाने और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया। उपराज्यपाल ने पुलिस अधिकारियों से साइबर अपराध के मामलों में तकनीकी क्षमता मजबूत करने और डिजिटल साक्ष्यों की सुरक्षा के लिए जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

ये भी पढ़ें: नैनीताल में दूषित पानी से दो लोगों की मौत, छह इंजीनियर निलंबित

ट्रैफिक जाम वाले स्थानों पर बढ़ेगी निगरानी

राजधानी की यातायात व्यवस्था को लेकर भी बैठक में दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस को अधिक जाम वाले स्थानों की पहचान कर वहां लगातार निगरानी रखने को कहा गया है। पीक ऑवर के दौरान ऐसे स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने और सीसीटीवी तथा ट्रैफिक कंट्रोल रूम के माध्यम से वास्तविक समय में निगरानी को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।

पुलिसकर्मियों की समस्याओं पर भी चर्चा

बैठक में पुलिसकर्मियों से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा हुई। पुलिस मुख्यालय में तय समय पर शिकायतों की सुनवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। खास तौर पर निचले स्तर के पुलिसकर्मियों और महिला पुलिसकर्मियों को समय पर पदोन्नति देने पर जोर दिया गया। इसके अलावा पुलिस कॉलोनियों को मॉडल जीरो वेस्ट कॉलोनी के तौर पर विकसित करने के निर्देश भी दिए गए।

ये भी पढ़ें: भोपाल मास्टर प्लान को मिली हरी झंडी, सीलिंग की कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट सख्त; SC ने ड्राफ्ट जारी करने की दी मंजूरी

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति

उपराज्यपाल ने पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने और पुलिसकर्मियों के सार्वजनिक व्यवहार पर वरिष्ठ अधिकारियों को लगातार नजर रखने को कहा। बैठक में BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका की भी सराहना की गई। उपराज्यपाल ने कहा कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन को सुरक्षित तरीके से पूरा करना बेहतर योजना, आपसी समन्वय और पेशेवर तरीके से काम करने का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से मिले अनुभवों का इस्तेमाल भविष्य में दिल्ली में होने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने में किया जाना चाहिए। उपराज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुलिस मुख्यालय से लेकर थाने तक सभी स्तरों पर दिए गए निर्देशों का असर जमीन पर दिखाई देना चाहिए, ताकि दिल्ली के लोगों को सुरक्षित माहौल के साथ पुलिस से समय पर मदद मिल सके

Sumit  Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

Latest Posts