इंदौर में नो कार डे: आठ चौराहों पर 30% कम हुई कारों की आवाजाही, अफसरों ने चुनी ईवी

इंदौर। स्मार्ट सिटी के आठ प्रमुख चौराहों के आंकड़ों में नो कार डे पर कारों की आवाजाही में 30.24 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई। 15 सितंबर को इन चौराहों पर 68,630 कारें दर्ज हुई थीं, जो 22 सितंबर को घटकर 47,877 रह गईं। यानी कुल 20,753 कारें कम दर्ज हुईं। वहीं, पेट्रोल-डीजल की खपत में भी कुल 1,325.61 लीटर की कमी सामने आई। हालांकि, शहर की सड़कों पर आम नागरिकों की भागीदारी सीमित दिखाई दी और अभियान का असर प्रशासनिक अमले में ज्यादा नजर आया।
आठ चौराहों पर 20,753 कारें कम दर्ज हुईं
इंदौर स्मार्ट सिटी द्वारा शहर के प्रमुख चौराहों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों और वाहन काउंट के आंकड़ों के अनुसार 15 सितंबर और 22 सितंबर को सुबह 8 से शाम 6 बजे तक समान समयावधि में आठ स्थानों पर कारों की आवाजाही दर्ज की गई। 15 सितंबर को इन चौराहों पर कुल 68,630 कारें दर्ज हुई थीं, जबकि नो कार डे पर यह संख्या घटकर 47,877 रह गई। इस तरह आठ निगरानी बिंदुओं पर 20,753 कारें कम दर्ज हुईं। आंकड़ों के मुताबिक यह 30.24 प्रतिशत की कमी है।

शिवाजी वाटिका में सबसे ज्यादा कमी दर्ज
आठों निगरानी बिंदुओं पर कारों की आवाजाही में कमी दर्ज हुई। शिवाजी वाटिका पर 15 सितंबर को 6,946 कारों के मुकाबले 22 सितंबर को 5,981 कारें दर्ज हुईं। गीताभवन पर संख्या 10,782 से घटकर 8,488 और एग्रीकल्चर चौराहे पर 9,900 से घटकर 7,776 रह गई। जीपीओ, एलआईजी, पलासिया, पिपलियाहाना और माहूनाका पर भी कारों की संख्या में कमी दर्ज की गई।

पेट्रोल-डीजल की खपत में भी आई कमी
नो कार डे के दौरान ईंधन खपत में भी कमी दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पेट्रोल की खपत 501.21 लीटर और डीजल की खपत 824.40 लीटर कम हुई। दोनों को मिलाकर कुल 1,325.61 लीटर की कमी सामने आई। कुल ईंधन खपत में करीब 10.34 प्रतिशत कमी का आंकड़ा भी सामने आया है।

अधिकारियों ने ईवी, साइकिल और बाइक शेयरिंग अपनाई
नो कार डे के तहत प्रभारी कलेक्टर शिवम वर्मा ने ईवी, पुलिस आयुक्त संतोष सिंह ने साइकिल और नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने ईवी का इस्तेमाल किया। प्रभारी महापौर राजेंद्र राठौर और श्रृंगार श्रीवास्तव ने बुलेट, आरटीओ प्रदीप शर्मा ने ईवी, जबकि अपर आयुक्त प्रखर सिंह और आकाश सिंह ने बाइक शेयरिंग का इस्तेमाल किया। आशीष कुमार ने ईवी और मनोज पाठक ने दोपहिया वाहन से सफर किया।
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आम लोगों तक संदेश पहुंचाने की चुनौती
नो कार डे पर नागरिकों से मेट्रो, आई-बस, सिटी बस, साइकिल और दोपहिया जैसे विकल्प अपनाने की अपील की गई थी। इसका उद्देश्य निजी वाहनों पर निर्भरता कम करना और प्रदूषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था, लेकिन शहर की सड़कों पर आम दिनों की तरह कारें और अन्य निजी वाहन चलते नजर आए। दूसरी ओर स्मार्ट सिटी के आंकड़ों में निगरानी वाले आठ चौराहों पर कारों की संख्या कम दर्ज हुई। नो कार डे की पहल करने वाले महापौर पुष्यमित्र भार्गव इस समय अमेरिका में हैं, जहां उन्होंने निजी वाहन के बजाय बस से सफर किया। इंदौर में हर सप्ताह शुक्रवार को नो कार डे मनाने की पहल भी की जाती है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर ने लगातार चौथी बार नो कार डे मनाया है और इस दिन आम दिनों की अपेक्षा कारों की संख्या कम रही। उन्होंने लोगों से सप्ताह में एक दिन निजी कार का इस्तेमाल नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि यह पर्यावरण और ईंधन बचत के लिए अच्छा उपाय है। इसी के साथ कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि नो कार डे के अवसर पर उन्होंने दोपहिया वाहन का उपयोग किया। पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए यह पहल महत्वपूर्ण है और सभी को इसे अपनाना चाहिए।




















