भोपाल में स्वाइन फ्लू का बढ़ा खतरा, H1N1 से दो की मौत; मरीजों की संख्या 72 पहुंची

भोपाल। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, एक मरीज की मौत बीते सप्ताह निजी अस्पताल में हुई थी। मौसम में लगातार बदलाव के बीच सर्दी, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी शिकायतों वाले मरीज भी बढ़ रहे हैं। वहीं, स्वाइन फ्लू के साथ डेंगू का संक्रमण भी बढ़ा है और शहर में डेंगू मरीजों की संख्या 81 तक पहुंच गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक तापमान और नमी में बदलाव से श्वसन संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
सितंबर से स्वाइन फ्लू के मामलों में तेजी
भोपाल में सितंबर की शुरुआत से स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। क्षेत्रीय श्वसन रोग संस्थान के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पराग शर्मा के अनुसार मौसम में बदलाव, नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव के दौरान वायरल श्वसन संक्रमण का प्रसार बढ़ सकता है। इसी दौरान इंफ्लूएंजा और H1N1 के मामलों में भी वृद्धि देखी जाती है। अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में वायरल संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ी है।
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वायरल निमोनिया के मरीज भी हुए दोगुने
मौसम में बदलाव के साथ शहर में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस संबंधी शिकायतों वाले मरीज लगातार अस्पताल पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक ओपीडी में वायरल निमोनिया के मरीजों की संख्या करीब दो गुना हो गई है। जेपी अस्पताल की ओपीडी में भी मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या करीब 30 प्रतिशत तक बढ़ी है। ऐसे में स्वाइन फ्लू के नए मामलों ने स्वास्थ्य संबंधी चिंता और बढ़ा दी है।
तेज बुखार और सांस की परेशानी को न करें नजरअंदाज
गांधी मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. अनिल शेजवार के मुताबिक स्वाइन फ्लू में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मरीजों में सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है। अगर बुखार या सांस संबंधी लक्षण लगातार बने रहें या तेजी से बढ़ें, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
बुजुर्गों और बच्चों में गंभीरता का खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से हृदय, फेफड़े या मधुमेह जैसी बीमारियों से पीड़ित लोगों में स्वाइन फ्लू के लक्षण गंभीर होने की आशंका अधिक रहती है। ऐसे मरीजों में सांस लेने में तकलीफ, अत्यधिक कमजोरी या ऑक्सीजन का स्तर कम होने जैसे संकेत दिखाई दें तो तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए। समय पर चिकित्सकीय सलाह और उपचार से स्थिति को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
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डेंगू मरीजों की संख्या पहुंची 81
स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार भोपाल में डेंगू संक्रमित मरीजों की संख्या 81 हो गई है। जिला मलेरिया कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक 2026 में 4,877 लोगों की जांच में 78 मरीज पॉजिटिव मिले थे, जबकि सितंबर के शुरुआती 11 दिनों में 220 जांचों में सात मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। यानी बदलते मौसम में स्वाइन फ्लू और डेंगू समेत कई मौसमी बीमारियां लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। भोपाल सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने कहा कि स्वाइन फ्लू के मरीज मिल रहे हैं, लेकिन अधिकतर की स्थिति सामान्य है। फिलहाल सिर्फ पांच मरीज भर्ती हैं और उनकी स्थिति भी सामान्य है। डेंगू भी नियंत्रण में है।


















