🌤️
--Bhopal, India

Kanker:कांकेर में मादा भालू का कहर: दो सगे भाई-बहन की मौत, तीसरी बहन जिंदगी की जंग लड़ रही,4 घंटे बाद काबू में आया भालू

शावक की मौत के बाद आक्रामक हुई मादा भालू, शवों के पास चार घंटे तक डटी रही; विशेषज्ञ टीम ने ट्रैंक्विलाइजर गन से किया रेस्क्यू,जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर मरकाटोला गांव में मादा भालू के हमले में एक ही परिवार के तीन सगे भाई-बहन शिकार बने। इनमें दो की मौके पर मौत हो गई, जबकि तीसरी बहन गंभीर रूप से घायल है और कांकेर मेडिकल कॉलेज में भर्ती है।
Follow on Google News
कांकेर में मादा भालू का कहर: दो सगे भाई-बहन की मौत, तीसरी बहन जिंदगी की जंग लड़ रही,4 घंटे बाद काबू में आया भालू

कांकेर: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के मरकाटोला गांव में मादा भालू के हमले ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। खेत के पास बैठे एक व्यक्ति पर भालू ने हमला किया, उन्हें बचाने पहुंचीं उनकी दो बहनों पर भी भालू टूट पड़ी। इस दर्दनाक घटना में दो सगे भाई-बहन की मौत हो गई, जबकि तीसरी बहन गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है। घटना के बाद पूरे गांव में मातम और दहशत का माहौल है।

ये भी पढ़ें: Sakti: सक्ती के एकलव्य स्कूल में आदिवासी छात्र की संदिग्ध मौत, कलेक्टर ने बनाई 4 सदस्यीय जांच समिति; 7 दिन में मांगी रिपोर्ट

कांकेर में दर्दनाक हादसा

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर मरकाटोला गांव में मादा भालू के हमले में एक ही परिवार के तीन सगे भाई-बहन शिकार बने। इनमें दो की मौके पर मौत हो गई, जबकि तीसरी बहन गंभीर रूप से घायल है और कांकेर मेडिकल कॉलेज में भर्ती है।

/img/129/1786038570101

पहले भाई पर किया हमला

जानकारी के अनुसार हलाल खोर जुर्री खेत के पास बैठे थे। इसी दौरान मादा भालू ने अचानक उन पर हमला कर दिया। वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े और मदद के लिए चिल्लाने लगे।

ये भी पढ़ें: Bilaspur: छत्तीसगढ़ की दो बेटियों का भारतीय जूनियर हॉकी टीम में चयन, जूनियर एशिया कप-2026 में चीन में करेंगी देश का प्रतिनिधित्व

बचाने पहुंचीं बहनें भी बनीं शिकार

भाई की आवाज सुनकर स्कूल से लौट रही उनकी बहन चमारोन बाई मौके पर पहुंचीं। उन्होंने भाई को बचाने की कोशिश की, लेकिन भालू ने उन पर भी हमला कर दिया। इसके बाद खेत में काम कर रही दूसरी बहन खोरीनबाई भी पहुंचीं, लेकिन वह भी भालू के हमले का शिकार हो गईं। इस हमले में हलाल खोर जुर्री और चमारोन बाई की मौत हो गई, जबकि खोरीनबाई गंभीर रूप से घायल हो गईं।

चार घंटे तक शवों के पास डटी रही भालू

घटना के बाद सबसे बड़ी चुनौती दोनों शवों को बाहर निकालने की थी। मादा भालू शवों के पास बैठी रही और जैसे ही कोई पास पहुंचने की कोशिश करता, वह हमला करने दौड़ पड़ती। पुलिस, वन विभाग और ग्रामीण कई घंटे तक शव नहीं निकाल सके।

ये भी पढ़ें: Raipur: रायपुर APL थर्मल प्लांट में बड़ा हादसा: बॉयलर एरिया में काम के दौरान गिरी क्रेन, जांच शुरू

विशेषज्ञ टीम ने किया रेस्क्यू

करीब चार घंटे बाद रायपुर से पहुंची विशेषज्ञ टीम ने ट्रैंक्विलाइजर गन की मदद से मादा भालू को बेहोश किया। इसके बाद उसे सुरक्षित पिंजरे में बंद कर कांकेर लाया गया। तब जाकर दोनों मृतकों के शव बाहर निकाले जा सके।

/img/129/1786038758826

शावक की मौत के बाद बढ़ी आक्रामकता

ग्रामीणों का दावा है कि एक दिन पहले मादा भालू के शावक की मौत हो गई थी। वन विभाग शावक का शव अपने साथ ले गया था। ग्रामीणों का मानना है कि इसी कारण मादा भालू बेहद आक्रामक हो गई और उसने लोगों पर हमला कर दिया।

ये भी पढ़ें: Bilaspur: CGPSC पेपर लीक केस: पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, जमानत खारिज

ग्रामीणों में भारी नाराजगी

घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश दोनों का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ रही है, लेकिन वन विभाग प्रभावी कदम नहीं उठा रहा। लोगों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

PREM

मै People's Updates रायपुर,छग में CHIEF EDITOR के पद में कार्यरत हूँ।अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत...Read More

icon

Latest Posts