Raipur:पिरदा-तुलसी टाउनशिप पर ग्रामीणों का RDA घेराव, बोले- पंचायत नहीं टूटेगी, जमीन भी नहीं देंगे

प्रेम कुमार, रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पिरदा और तुलसी ग्राम पंचायत के रहवासियों ने प्रस्तावित नई टाउनशिप योजना के विरोध में रायपुर विकास प्राधिकरण यानी RDA कार्यालय का घेराव कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें विश्वास में लिए बिना उनकी जमीन पर योजना तैयार की जा रही है। राजपत्र में उल्लेखित कौशल्या बिहार योजना को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए और पंचायतों के अस्तित्व से किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों के साथ कांग्रेस नेता भी पहुंचे और सरकार तथा RDA की योजना पर सवाल खड़े किए।
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पंचायत तोड़ने की कोशिश का आरोप, RDA के सामने ग्रामीणों का शक्ति प्रदर्शन
राजधानी रायपुर से लगे पिरदा और तुलसी गांवों के किसानों और रहवासियों ने सोमवार को रायपुर विकास प्राधिकरण कार्यालय पहुंचकर प्रस्तावित नई टाउनशिप योजना का विरोध किया। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और योजना को लेकर नाराजगी जाहिर की।
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किसी भी सूरत में पंचायत नहीं टूटने देंगे
ग्रामीणों का कहना है कि वे पीढ़ियों से पिरदा और तुलसी में रह रहे हैं। उनके घर, खेत और रोजी-रोटी इसी जमीन से जुड़ी है। ऐसे में पंचायतों के अस्तित्व को खत्म कर नई टाउनशिप विकसित करने का निर्णय स्वीकार नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की कि उनकी आपत्तियों पर गंभीरता से विचार किया जाए।
350 एकड़ जमीन पर प्रस्तावित योजना ने बढ़ाई बेचैनी
ग्रामीणों के मुताबिक प्रस्तावित टाउनशिप के लिए करीब 350 एकड़ जमीन अधिग्रहित किए जाने की योजना है। उनका दावा है कि इसमें बड़ी मात्रा में जमीन वर्तमान में कृषि कार्यों में इस्तेमाल हो रही है। किसानों का कहना है कि खेती की जमीन छिनने से उनके सामने रोजगार और भविष्य का संकट खड़ा हो सकता है।

कौशल्या बिहार का उदाहरण देकर कांग्रेस ने घेरा
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भी ग्रामीणों का समर्थन किया। पूर्व विधायक पंकज शर्मा ने सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले से विकसित कौशल्या विहार योजना को पूरी तरह बसाया नहीं जा सका है। ऐसे में नई टाउनशिप योजना शुरू करने से पहले पुरानी योजना की स्थिति सुधारने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
16 साल बाद भी कौशल्या बिहार पर सवाल
कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया कि कौशल्या विहार योजना को वर्षों बाद भी अपेक्षित सफलता नहीं मिली है। बड़ी मात्रा में क्षेत्र खाली है और वहां रहने वाले लोगों को अब भी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस ने सरकार से पहले मौजूदा योजना को पूरी तरह विकसित करने की मांग की।
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RDA का दावा- भू स्वामियों के हित सुरक्षित रहेंगे
RDA की प्रस्तावित योजना के अनुसार पिरदा-तुलसी पंचायत क्षेत्र से ली जाने वाली जमीन के विकास के बाद 40 प्रतिशत हिस्सा भू स्वामियों को वापस देने की योजना है। प्राधिकरण का कहना है कि इससे जमीन मालिकों के आर्थिक हितों को सुरक्षित रखने का प्रयास किया जाएगा।
खेती भी हमारी, घर भी हमारा, नहीं छोड़ेंगे जमीन
RDA कार्यालय पहुंची महिलाओं ने भी प्रस्तावित योजना का विरोध किया। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी कई पीढ़ियां इसी गांव में रहकर खेती करती आई हैं। उनके घर और खेत इसी जमीन पर हैं। ऐसे में जमीन छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता।

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सरकार-ग्रामीण आमने-सामने, टाउनशिप पर बढ़ा विवाद
पिरदा-तुलसी टाउनशिप को लेकर अब ग्रामीणों और प्रशासन के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। ग्रामीण जहां पंचायतों के अस्तित्व और अपनी जमीन बचाने की मांग पर अड़े हैं, वहीं RDA प्रस्तावित विकास योजना के जरिए क्षेत्र को नई टाउनशिप के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल बढ़ने के आसार हैं।




















