IGKV में पेपर लीक के बाद फिर शुरू हुई परीक्षा, 3 विषयों के एग्जाम दोबारा, नई व्यवस्था पर बड़ा सवाल

रायपुर: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में पेपर लीक की घटना के बाद निरस्त की गई तीन विषयों की परीक्षाएं अब दोबारा शुरू हो गई हैं। सोमवार को बीएससी एग्रीकल्चर सेकेंड ईयर के एंटोमोलॉजी (कीट विज्ञान) विषय की परीक्षा आयोजित की गई। प्रश्नपत्र सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप पर वायरल होने के बाद विश्वविद्यालय ने प्लांट पैथोलॉजी, फंडामेंटल ऑफ जेनेटिक्स और एंटोमोलॉजी की परीक्षाएं निरस्त कर दी थीं। अब नई तारीखों के अनुसार दोबारा परीक्षा कराई जा रही है।
पेपर लीक के बाद फिर परीक्षा की शुरुआत
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में प्रश्नपत्र लीक होने के बाद प्रभावित विद्यार्थियों के लिए दोबारा परीक्षा का सिलसिला शुरू हो गया है। सोमवार को बीएससी एग्रीकल्चर सेकेंड ईयर के एंटोमोलॉजी (कीट विज्ञान) विषय का पेपर आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय की ओर से पहले ही तीनों निरस्त परीक्षाओं के लिए नई तारीखें घोषित की जा चुकी हैं। इसी कार्यक्रम के तहत सोमवार को पहला पेपर कराया गया।
तीन विषयों के प्रश्नपत्र हुए थे लीक
पेपर लीक की घटना में बीएससी एग्रीकल्चर के प्लांट पैथोलॉजी, फंडामेंटल ऑफ जेनेटिक्स और एंटोमोलॉजी विषय के प्रश्नपत्र सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप पर वायरल होने की जानकारी सामने आई थी। मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय ने तीनों विषयों की परीक्षाएं निरस्त कर दी थीं। इसके चलते अब संबंधित विद्यार्थियों को इन विषयों की परीक्षा दोबारा देनी पड़ रही है।
सोमवार को पहला पेपर, अब दो दिन और परीक्षा
निरस्त परीक्षाओं में पहला पेपर सोमवार को आयोजित हो चुका है। इसके बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शेष दो विषयों की परीक्षाएं लगातार अगले दो दिनों में आयोजित की जाएंगी। इससे प्रभावित विद्यार्थियों की परीक्षा प्रक्रिया को दोबारा पूरा किया जाएगा।
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पेपर लीक के बाद बदली प्रश्नपत्र भेजने की व्यवस्था
प्रश्नपत्र लीक होने की घटना के बाद विश्वविद्यालय ने प्रश्नपत्र भेजने की प्रक्रिया में बदलाव किया है। अब परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्नपत्र कॉलेजों को ईमेल के माध्यम से भेजा जा रहा है। इसके बाद कॉलेज स्तर पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रश्नपत्र प्राप्त कर परीक्षा आयोजित की जा रही है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य प्रश्नपत्र की गोपनीयता बनाए रखना और दोबारा लीक होने की आशंका को कम करना है।
नई व्यवस्था की होगी अग्निपरीक्षा
पेपर लीक के बाद बदली गई व्यवस्था के तहत अब परीक्षा से ठीक पहले प्रश्नपत्र कॉलेजों तक पहुंचाया जा रहा है। ऐसे में आने वाले दो पेपर विश्वविद्यालय की नई व्यवस्था के लिए अहम माने जा रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या नई व्यवस्था प्रश्नपत्र की गोपनीयता बनाए रखने में सफल होगी? विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय दोनों की नजर अब शेष परीक्षाओं पर है।
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विद्यार्थियों पर दोबारा परीक्षा का बोझ
पेपर लीक के कारण परीक्षा निरस्त होने का सीधा असर विद्यार्थियों पर पड़ा है। पहले परीक्षा देने के बाद अब प्रभावित छात्रों को दोबारा संबंधित विषयों का एग्जाम देना पड़ रहा है।विश्वविद्यालय की ओर से नई तारीखों के अनुसार परीक्षा आयोजित कर प्रभावित परीक्षा प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है।




















