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बदहाल शिक्षा व्यवस्था को लेकर स्कूली छात्राएं ने 30 KM पैदल चलकर पहुंची कलेक्ट्रेट, एक छात्रा बेहोश होकर गिरी,मचा हड़कप

हॉस्टल की बदहाली से परेशान छात्राओं ने उठाया कदम, स्कूल से निकलकर सीधे कलेक्ट्रेट पहुंचीं,अंबिकापुर के शिवपुर स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय की 45 छात्राएं बदहाल व्यवस्थाओं से परेशान होकर सोमवार को करीब 30 किलोमीटर दूर कलेक्ट्रेट के लिए पैदल निकल पड़ीं। करीब 6 किलोमीटर चलने के बाद प्रशासन को जानकारी मिली और बस भेजकर उन्हें कलेक्ट्रेट लाया गया। इस दौरान एक छात्रा बेहोश हो गई
बदहाल शिक्षा व्यवस्था को लेकर स्कूली छात्राएं ने 30 KM पैदल चलकर पहुंची कलेक्ट्रेट, एक छात्रा बेहोश होकर गिरी,मचा हड़कप

रायपुर/अंबिकापुर: अंबिकापुर में एकलव्य आवासीय विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर छात्राओं का आक्रोश सड़क पर आ गया। शिवपुर स्थित स्कूल की 45 छात्राएं करीब 30 किलोमीटर दूर अंबिकापुर कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च पर निकल पड़ीं। करीब 6 किलोमीटर चलने के बाद प्रशासन को इसकी जानकारी मिली, जिसके बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया और बस भेजकर छात्राओं को कलेक्ट्रेट लाया गया। कलेक्टोरेट पहुंचने के दौरान एक छात्रा बेहोश होकर गिर गई, जिसे एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया।

हॉस्टल की बदहाली से परेशान छात्राओं का पैदल मार्च

सरगुजा जिले के शिवपुर स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय की 45 छात्राओं ने सोमवार को अपनी समस्याओं को लेकर बड़ा कदम उठाया। छात्राओं का आरोप है कि स्कूल और हॉस्टल में लंबे समय से बुनियादी व्यवस्थाओं की समस्या बनी हुई है।छात्राएं अपनी शिकायत लेकर स्कूल से अंबिकापुर कलेक्ट्रेट के लिए पैदल ही निकल पड़ीं। स्कूल से कलेक्ट्रेट की दूरी करीब 30 किलोमीटर बताई गई है। हालांकि प्रशासन को जानकारी मिलने से पहले छात्राएं लगभग 6 किलोमीटर पैदल चल चुकी थीं।

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6 KM पैदल चलीं, फिर प्रशासन में मचा हड़कंप

छात्राओं के पैदल मार्च की जानकारी प्रशासन तक पहुंचते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया। इसके बाद आनन-फानन में बस भेजकर छात्राओं को कलेक्टोरेट लाया गया। छात्राओं का कहना था कि वे अपनी समस्याओं को लेकर सीधे कलेक्टर से बात करना चाहती हैं। उन्होंने किसी अन्य अधिकारी से बातचीत के बजाय कलेक्टर से मुलाकात की मांग रखी।

कलेक्ट्रेट पहुंचते ही बेहोश होकर गिरी छात्रा

कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद छात्राएं कलेक्टर अजीत वसंत से मिलने पर अड़ी रहीं। इसी दौरान थकान और तनाव के बीच एक छात्रा अचानक बेहोश होकर गिर गई। स्थिति को देखते हुए छात्रा को तत्काल एंबुलेंस की मदद से मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया। इस घटना के बाद छात्राओं की शिकायत और उनके पैदल मार्च को लेकर प्रशासन ने गंभीरता दिखाई।

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तीन महीने से बिजली नहीं होने का आरोप

छात्राओं ने हॉस्टल की व्यवस्थाओं को लेकर कई गंभीर शिकायतें रखीं। उनका आरोप है कि हॉस्टल में करीब तीन महीने से बिजली की समस्या बनी हुई है। बिजली के अलावा छात्राओं ने मेस की साफ-सफाई और पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं को भी प्रशासन के सामने रखा।

मेस की सफाई पर भी सवाल

छात्राओं के मुताबिक हॉस्टल के मेस में साफ-सफाई की स्थिति ठीक नहीं है। छात्राओं ने मेस व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की।उनका कहना है कि हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं के लिए भोजन और रहने की मूलभूत व्यवस्थाओं का बेहतर होना जरूरी है।

फिजिक्स-केमिस्ट्री की पढ़ाई भी प्रभावित

छात्राओं ने शिक्षकों की कमी का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि फिजिक्स और केमिस्ट्री की कक्षाएं नियमित रूप से नहीं लग रही हैं। छात्राओं के मुताबिक उन्होंने इससे पहले भी प्राचार्य और स्कूल प्रबंधन के सामने अपनी समस्याएं रखी थीं, लेकिन जब अपेक्षित समाधान नहीं हुआ तो उन्होंने प्रशासन तक सीधे पहुंचने का फैसला किया।

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अफसर पहुंचे, समझाने की कोशिश हुई

छात्राओं के मार्च की सूचना मिलने के बाद आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ललित शुक्ला बैलकोटा पहुंचे। उन्होंने छात्राओं से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों की ओर से छात्राओं को प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा भी दिया गया। कुछ शिक्षकों ने भी छात्राओं को रोकने की कोशिश की, लेकिन छात्राएं कलेक्टर से मिलने की मांग पर अड़ी रहीं।

किसी के बहकावे में नहीं आए छात्राएं

जहां शिक्षकों की ओर से छात्राओं के किसी के बहकावे में आने की बात कही गई, वहीं छात्राओं ने इससे इनकार किया। छात्राओं का कहना था कि वे बिना किसी दबाव के अपनी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन तक पहुंची हैं।

कलेक्टर ने दिए तत्काल समाधान के निर्देश

कलेक्टोरेट में छात्राओं से बातचीत के बाद उन्हें बस से वापस हॉस्टल भेज दिया गया। कलेक्टर अजीत वसंत ने छात्राओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बिजली व्यवस्था सुधारने, शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था करने और मेस की साफ-सफाई तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए हैं।

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तीन मांगों पर तत्काल फोकस

प्रशासन के निर्देशों के बाद अब छात्राओं की प्रमुख समस्याओं में—

हॉस्टल की बिजली व्यवस्था

फिजिक्स और केमिस्ट्री के शिक्षकों की उपलब्धता

मेस की साफ-सफाई

पर तत्काल कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।

PREM

मै प्रेम निर्मलकर मैने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर से की, विगत 18 वर्षों से मुझे पत...Read More

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