रेलवे में एक्स्ट्रा लगेज पर नहीं लगेगा हवाई यात्रा जैसा किराया, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया साफ

रेलवे में एक्स्ट्रा लगेज पर नहीं लगेगा हवाई यात्रा जैसा किराया, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया साफ
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। हाल ही में आई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि भारतीय रेलवे हवाई यात्रा की तर्ज पर अब यात्रियों से अतिरिक्त सामान ले जाने पर ज्यादा किराया वसूलेगी। इसमें यह भी कहा गया था कि यात्रियों के बैग का वजन और साइज एयरपोर्ट की तरह ही चेक किया जाएगा। हालांकि, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन खबरों का स्पष्ट खंडन करते हुए कहा कि ऐसा कोई नया नियम लागू नहीं किया गया है।

    दशकों से मौजूद है सामान ले जाने का नियम

    रेल मंत्री ने एक चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि दशकों से रेलवे में नियम है कि यात्री कितने वजन तक का सामान मुफ्त ले जा सकते हैं। यह नियम नया नहीं है। उन्होंने साफ किया कि इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि तय सीमा से थोड़ा भी अधिक सामान होने पर यात्रियों से जबरन अतिरिक्त किराया वसूला जाएगा।

    हवाई यात्रा जैसी जांच की खबरें गलत

    रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि रेलवे अब एयरपोर्ट की तरह बैग की जांच करेगा और इलेक्ट्रॉनिक लगेज मशीनों से वजन और साइज मापा जाएगा। इस पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि यात्रियों को घबराने की जरूरत नहीं है। न तो एयरपोर्ट की तरह कड़ी जांच होगी और न ही अतिरिक्त किराए की वसूली।

    क्लास के अनुसार तय है लिमिट

    रेलवे के पुराने नियमों के अनुसार, अलग-अलग क्लास में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए सामान ले जाने की सीमा तय है। फर्स्ट क्लास एसी यात्रियों को 70 किलो तक, सेकंड एसी यात्रियों को 50 किलो तक, थर्ड एसी और स्लीपर यात्रियों को 40 किलो तक और जनरल टिकट वाले यात्रियों को 35 किलो तक सामान की अनुमति है। रेल मंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था पहले से है और इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है।

    दिवाली-छठ पर 12 हजार स्पेशल ट्रेनें

    इंटरव्यू के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने त्योहारों पर स्पेशल ट्रेनों के संचालन पर भी बात की। विपक्ष द्वारा लगाए गए चुनावी फायदा उठाने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि दिवाली और छठ पर लाखों लोग घर जाते हैं, इसलिए यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेनें चलाई जा रही हैं। पिछले साल सात हजार स्पेशल ट्रेनें चलाई गई थीं, इस बार 12 हजार ट्रेनों की व्यवस्था की जा रही है।

    यात्रियों की सुविधा के लिए हैं ट्रेनें 

    रेल मंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि महाकुंभ के दौरान भी बड़ी संख्या में ट्रेनें चलाई गई थीं। महाराष्ट्र में कोई चुनाव नहीं थे, फिर भी गणेश उत्सव पर 400 स्पेशल ट्रेनें चलाई गई थीं। उन्होंने कहा कि रेलवे चुनाव देखकर नहीं बल्कि यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देकर फैसले करता है।

    Mithilesh Yadav
    By Mithilesh Yadav

    वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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