बांग्लादेश के शरियतपुर इलाके में खोकन चंद्र दास नामक एक हिंदू व्यापारी पर भीड़ ने बेरहमी से हमला किया। उन्हें पहले पीटा गया, फिर चाकू से वार किया गया और उनके शरीर पर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश की गई।
आखिरी क्षणों में खोकन चंद्र ने पास के तालाब में छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। उन्हें बाद में स्थानीय लोगों ने गंभीर हालत में शरियतपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया।
जानकारी के मुताबिक, यह हमला 31 दिसंबर की रात 9 बजे कनेश्वर यूनियन के तिलोई इलाके में हुआ। खोकन चंद्र (40) दामुद्या के केउरभंगा बाज़ार में फार्मेसी के मालिक हैं। दुकान बंद कर घर लौट रहे खोकन चंद्र को बदमाशों ने रोक लिया और उनके ऊपर धारदार हथियारों से हमला किया।
यह घटना इलाके में डर और दहशत का माहौल पैदा कर गई है। हमले के पीछे का मकसद और इसमें शामिल लोगों की पहचान अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।
18 दिसंबर 2025: दीपू चंद्र दास को भीड़ ने मार डाला और पेड़ से बांधकर जला दिया।
25 दिसंबर: अमृत मंडल को पीट-पीटकर मार डाला गया, हालांकि बांग्लादेश ने इसे उगाही से जुड़ी घटना बताया।
29 दिसंबर: मेहराबारी इलाके में बजेंद्र बिस्वास की गोली लगने से मौत हुई, आरोपी नोमान मिया गिरफ्तार।
31 दिसंबर: खोकन चंद्र दास पर हमला।
हाल में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले तख्तापलट और राजनीतिक अस्थिरता के बाद बढ़े हैं। शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद उग्र छात्रों के गुटों ने मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का प्रमुख बनाया। यूनुस ने कई भारत विरोधी बयान भी दिए हैं, जिससे अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।