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इंदौर में दूषित पानी से 14वीं मौत:प्रशासन चार मौतें ही मान रहा, पीड़ितों ने राहत का चेक लेने से किया इनकार

भागीरथपुरा बस्ती में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला जारी है। 25 से 31 दिसंबर के बीच 12 लोगों की जान जाने का दावा किया गया है, जबकि प्रशासन चार मौतें ही मान रहा है। 50 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती हैं। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पीड़ितों से मुलाकात की, वहीं प्रशासन जलापूर्ति और ड्रेनेज लाइन की जांच में जुटा है।
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प्रशासन चार मौतें ही मान रहा, पीड़ितों ने राहत का चेक लेने से किया इनकार
Indore Contaminated Water Case
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भागीरथपुरा बस्ती में दूषित पानी के कारण मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को दो परिवारों ने दावा किया कि उनके परिजनों की मौत उल्टी-दस्त से हुई है। मृतकों में अरविंद कुलकर्णी और शंकर भाया का नाम सामने आया है। हालांकि प्रशासन अब भी डायरिया से सिर्फ चार मौतें ही मान रहा है।

    परिजनों में आक्रोश, चेक लेने से इनकार

    25 दिसंबर से 31 दिसंबर के बीच बस्ती में 12 मौतें हो चुकी हैं। इस बीच क्षेत्रीय विधायक और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे। वे पार्षद कमल वाघेला के साथ स्कूटर से बस्ती में पहुंचे और सरकारी राहत के चेक बांटे। यादव परिवार के यहां पहुंचे तो परिजनों ने चेक लेने से इनकार कर दिया।

    दो साल से गंदा पानी आने का आरोप

    मंत्री के पहुंचते ही महिलाओं ने घेरकर कहा कि बस्ती में दो साल से गंदा पानी आ रहा है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या नहीं सुलझी। लोगों का कहना है कि समय रहते सुनवाई होती तो इतनी जानें नहीं जातीं। एक बुजुर्ग ने भी नाराजगी जाहिर की, जिस पर मंत्री ने उनकी बात ध्यान से सुनी।

    ड्रेनेज लाइन बदलने का आश्वासन

    कैलाश विजयवर्गीय ने लोगों को भरोसा दिलाया कि पूरी बस्ती की ड्रेनेज लाइन बदली जाएगी। इसके बाद वे अन्य पीड़ित परिवारों से भी मिले।

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    50 से ज्यादा लोग अब भी अस्पताल में भर्ती

    भागीरथपुरा के 50 से अधिक लोग अभी अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। डॉक्टरों के अनुसार जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, उन्हें ज्यादा परेशानी हो रही है। अधिकतर मरीजों का पेट संक्रमण दवाइयों से ठीक हो रहा है। गुरुवार को भी नए मरीज सामने आए।

    जलापूर्ति की जांच में जुटा प्रशासन

    मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर नगरीय विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने बस्ती का दौरा किया। उन्होंने जलापूर्ति के दौरान पानी की गुणवत्ता की जांच की और पानी को सूंघकर भी देखा।

    नर्मदा लाइन में सीवेज मिलने की जांच

    अपर मुख्य सचिव उस जगह भी पहुंचे जहां नर्मदा लाइन में शौचालय का पानी मिल रहा था। उन्होंने ड्रेनेज लाइनों की स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन की ओर से पूरे मामले की गहन जांच जारी है।

    Shivani Gupta
    By Shivani Gupta

    शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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