1 फरवरी से सिगरेट होगी 20% तक महंगी :एक्साइज ड्यूटी बढ़ी, कंपनियां बढ़ाएंगी दाम; शेयर बाजार में भी मचा हड़कंप

नई दिल्ली। अगर आप सिगरेट पीते हैं, तो आने वाला महीना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है। केंद्र सरकार ने सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है, जिसके चलते 1 फरवरी 2026 से सिगरेट की कीमतों में 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। सरकार की ओर से 31 दिसंबर को जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक अब सिगरेट की प्रति 1,000 स्टिक पर ₹2,050 से लेकर ₹8,500 तक एक्साइज ड्यूटी ली जाएगी। बाजार जानकारों का कहना है कि, इस टैक्स बोझ को कंपनियां सीधे ग्राहकों पर डाल सकती हैं।
31 दिसंबर को जारी हुआ नोटिफिकेशन
केंद्र सरकार ने साल के आखिरी दिन यानी 31 दिसंबर को सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर नई एक्साइज ड्यूटी का नोटिफिकेशन जारी किया। इसके अनुसार, नई एक्साइज ड्यूटी 1 फरवरी 2026 से लागू होगी। ड्यूटी सिगरेट की लंबाई और कैटेगरी पर निर्भर करेगी। यह टैक्स पहले से लग रहे GST के अलावा होगा।
सेस हटाया, लेकिन एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी
अब तक सिगरेट पर 28% GST और उसके ऊपर कंपनसेशन सेस लगता था। इससे कुल टैक्स बोझ 50% से ज्यादा हो जाता था। हालांकि, 3 सितंबर को सरकार ने बड़ा बदलाव किया-
अगर सरकार एक्साइज ड्यूटी नहीं बढ़ाती, तो सिगरेट सस्ती हो जाती। रेवेन्यू बचाने के लिए सरकार ने सेस की जगह अब परमानेंट एक्साइज ड्यूटी लागू कर दी।
नई एक्साइज ड्यूटी कितनी है?
नई दरें ₹2,050 से लेकर ₹8,500 प्रति 1,000 सिगरेट तय की गई हैं, जो पुराने टैक्स के मुकाबले काफी ज्यादा हैं।
इंटरनेशनल ब्रोकरेज फर्म Jefferies के मुताबिक:
- नए टैक्स सिस्टम से कुल टैक्स बोझ 20% से 30% तक बढ़ सकता है।
- कंपनियों को कीमतें कम से कम 15% बढ़ानी पड़ सकती हैं।
- कुछ ब्रांड्स में यह बढ़ोतरी 20% या उससे ज्यादा भी हो सकती है।
सिगरेट के दाम क्यों बढ़ सकते हैं? 2 बड़े कारण
1. ज्यादा एक्साइज ड्यूटी
सरल शब्दों में समझें:
पहले अगर ₹5 का सेस था तो अब उसकी जगह ₹8 की एक्साइज ड्यूटी लगा दी गई। इसका मतलब है कि, टैक्स का कुल बोझ कम नहीं, बल्कि बढ़ गया।
2. ‘डबल टैक्स’ का असर
एक्साइज ड्यूटी मैन्युफैक्चरिंग स्टेज पर लगती है। इसके बाद उसी बढ़ी हुई कीमत पर GST लगाया जाता है। इससे टैक्स पर टैक्स की स्थिति बनती है। इसका नतीजा होता है कि, फाइनल MRP और ज्यादा बढ़ जाती है।
उदाहरण से समझिए
मान लीजिए:
- पहले एक सिगरेट पर कुल टैक्स ₹6 था।
- सेस खत्म हुआ (-₹2)
- नई एक्साइज ड्यूटी लगी (+₹4)
अब:
- कुल टैक्स ₹8 हो गया
- ₹15 की सिगरेट ₹17-₹18 तक पहुंच सकती है।
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ITC के शेयर 6 साल में सबसे ज्यादा गिरे
टैक्स बढ़ोतरी की खबर का असर शेयर बाजार पर भी दिखा। ITC के शेयर 10% तक टूट गए। साल 2020 के बाद यह एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है। Godfrey Phillips के शेयर भी 17.6% तक लुढ़क गए। निवेशकों को डर है कि, कीमतें बढ़ने से सिगरेट की बिक्री घट सकती है।
सरकार का मकसद- राजस्व बढ़ाना और खपत कम करना
सरकार का यह कदम सितंबर में GST कटौती से हुए नुकसान की भरपाई, अमेरिकी टैरिफ के कारण हुए राजस्व नुकसान और ‘सिन गुड्स’ से कमाई बढ़ाने की कोशिश माना जा रहा है।
भारत में तंबाकू की भयावह सच्चाई
भारत में 25.3 करोड़ स्मोकर्स
WHO के मुताबिक, भारत में 15 साल से ऊपर के 25.3 करोड़ लोग स्मोकिंग करते हैं। इनमें 20 करोड़ पुरुष, 5.3 करोड़ महिलाएं शामिल हैं।
हर साल 10 लाख मौतें
सिगरेट से भारत में हर साल 10 लाख से ज्यादा मौतें होती हैं। सभी तंबाकू उत्पादों को मिलाकर यह आंकड़ा 13.5 लाख तक पहुंच जाता है।
एक सिगरेट = 20 मिनट जिंदगी कम
लंदन यूनिवर्सिटी कॉलेज के अनुसार, एक सिगरेट पीने से 20 मिनट उम्र कम होती है।
10 साल तक रोज 10 सिगरेट = 500 दिन जिंदगी कम
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