Water Award Controversy :जल संरक्षण की तस्वीरों में शादी का कार्ड लगा दिया, अब विवादों में घिरी IAS अफसर बहनें

जयपुर। जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा देश के विभिन्न जिलों में पदस्थ IAS अधिकारियों को राष्ट्रीय जल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। हालांकि, इस सम्मान को लेकर राजस्थान के दो जिलों—बाड़मेर और उदयपुर—से जुड़े मामलों पर विवाद खड़ा हो गया है। खास बात यह है कि यह विवाद चर्चित IAS बहनों टीना डाबी और रिया डाबी से संबंधित होने के कारण और अधिक सुर्खियों में आ गया है।
गलत आंकड़े और तस्वीरें लगाने का आरोप
जल संरक्षण में पहला पुरस्कार बाड़मेर की जिला कलेक्टर टीना डाबी को प्रदान किया गया, जबकि दूसरा पुरस्कार उदयपुर में मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्यरत उनकी बहन रिया डाबी को मिला। दोनों अधिकारियों पर कथित तौर पर गलत आंकड़े और तस्वीरें प्रस्तुत कर पुरस्कार प्राप्त करने के आरोप लगाए गए हैं। इस विवाद के चलते टीना डाबी को स्वयं सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी। वहीं उदयपुर से जुड़े मामले में रिया डाबी को लेकर भी सफाई दी गई है, जो फिलहाल चर्चा का विषय बनी हुई है।
अनजाने में हुई गलती, कर्मचारी सस्पेंड
बाड़मेर के साथ आईएएस अधिकारी रिया डाबी पर भी सवाल उठे हैं। उदयपुर को मिले पुरस्कार को लेकर यह आरोप सामने आया कि पुरस्कार प्रक्रिया के दौरान पोर्टल पर एक शादी का कार्ड अपलोड कर दिया गया था। इस पर उदयपुर के कलेक्टर ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि ग्राम पंचायत के एक कनिष्ठ अभियंता से जन संचयन अभियान के पोर्टल पर यह गलती अनजाने में हो गई थी। कलेक्टर ने कहा कि इस अपलोड की गई तस्वीर का 'जल संचयन-जन भागीदारी' पुरस्कार से कोई संबंध नहीं है। साथ ही, संबंधित कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया है।
सांसद समेत कई नेताओं ने लगाए आरोप
गौरतलब है कि जल संचयन-जन भागीदारी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बाड़मेर जिले को प्रथम पुरस्कार से नवाजा था। इसके तहत कलेक्टर टीना डाबी को यह सम्मान मिला, जिसके साथ दो करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि भी दी गई। हालांकि, इस पुरस्कार को लेकर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल सहित कई जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि गलत आंकड़े प्रस्तुत कर यह सम्मान हासिल किया गया। इन आरोपों के बाद टीना डाबी ने मीडिया के सामने अपनी सफाई देते हुए कहा कि उन्हें बेवजह निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोर्टल पर ब्लॉक और जिला स्तर से जो भी आंकड़े और फोटो अपलोड किए गए हैं, वे सभी सत्यापित और प्रमाणिक हैं।
बाड़मेर और उदयपुर पर विवाद इसलिए
हाल ही में जल संचयन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बाड़मेर और उदयपुर को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। इसमें बाड़मेर को दो करोड़ रुपए की राशि के साथ प्रथम पुरस्कार मिला, जबकि उदयपुर को एक करोड़ रुपए के साथ द्वितीय पुरस्कार दिया गया। लेकिन इन दोनों ही पुरस्कारों को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। बाड़मेर मामले में टीना डाबी पर गलत आंकड़े और डुप्लीकेट तस्वीरें अपलोड करने के आरोप लगे हैं, जबकि उदयपुर में रिया डाबी से जुड़े मामले में पोर्टल पर शादी का कार्ड अपलोड होने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।












