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Naresh Bhagoria
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सनातन धर्म में माघ मास को अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना गया है। इस महीने स्नान, दान और जप करना बहुत शुभ फल देता है। मान्यता है कि माघ मास में किए गए धार्मिक कार्यों से जीवन के पाप नष्ट होते हैं। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हर साल माघ मेले का आयोजन होता है। इस बार माघ मेला 3 जनवरी 2026 से शुरू होकर 15 फरवरी 2026 तक चलेगा। इस दौरान लाखों श्रद्धालु संगम तट पर स्नान करने पहुंचते हैं।
शास्त्रों के अनुसार माघ मास में पवित्र नदियों में स्नान करने से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं। माघ स्नान से तन, मन और आत्मा की शुद्धि होती है।

माघ मेले में स्नान करने से केवल शारीरिक शुद्धि ही नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक शांति भी मिलती है। शास्त्रों में कहा गया है कि इस समय देवता पृथ्वी पर आते हैं, जिससे स्नान का महत्व और बढ़ जाता है।
माघ स्नान को मोक्ष प्राप्ति का सबसे सरल उपाय माना गया है। पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से किया गया माघ स्नान व्यक्ति को सांसारिक बंधनों से मुक्त कर परम गति की ओर ले जाता है।

शास्त्रों में उल्लेख है कि माघ मास में दान, जप और तप का कई गुना फल मिलता है। स्नान के साथ यदि व्यक्ति सत्य, संयम और सेवा का पालन करता है, तो उसका जीवन सफल हो जाता है।
Magh Mela 2026 आस्था और सनातन परंपरा का जीवंत उदाहरण है। मान्यता है कि माघ स्नान करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है, जिससे वर्तमान और भविष्य दोनों शुभ बनते हैं।