राहुल गांधी का पीएम मोदी पर पलटवार :बोले- 'धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करें, आधी रात के इस वीडियो से छात्रों की समझदारी का अपमान न करें'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से देर रात जारी किए गए वीडियो संदेश के बाद पेपर लीक का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। वीडियो में प्रधानमंत्री ने परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और फास्ट-ट्रैक अदालतों के जरिए मामलों के जल्द निपटारे का भरोसा दिया। हालांकि विपक्ष ने इसे पर्याप्त नहीं माना। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश के छात्र केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जवाबदेही चाहते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाना चाहिए।
राहुल गांधी बोले- छात्रों की मांग को नजरअंदाज न करें
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि श्री मोदी, हमारे छात्र धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। आधी रात का यह वीडियो जारी कर उनकी समझ का अपमान मत कीजिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार असली मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है, जबकि देशभर के छात्र परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग दोहराई
कांग्रेस नेता ने कहा कि पेपर लीक के लगातार सामने आए मामलों ने लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित किया है। ऐसे में केवल नई घोषणाएं काफी नहीं हैं। राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करने के लिए सबसे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाना चाहिए। उनके मुताबिक यही छात्रों की प्रमुख मांग है और सरकार को इस पर निर्णय लेना चाहिए।
छात्रों से माफी और पुलिस कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से यह भी मांग की कि हाल के छात्र प्रदर्शनों के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जाए। उन्होंने कहा कि जिन पुलिसकर्मियों पर छात्रों के साथ बल प्रयोग के आरोप हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उनके साथ सख्ती की गई, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।
पीएम मोदी ने वीडियो में क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि सरकार पेपर लीक जैसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाएगा। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था करने की बात भी कही। सरकार का कहना है कि युवाओं के भविष्य से किसी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पेपर लीक पर सियासत तेज
प्रधानमंत्री के संदेश के बाद भी विपक्ष अपने रुख पर कायम है। कांग्रेस लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रही है, जबकि केंद्र सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया जाएगा। ऐसे में पेपर लीक का मुद्दा अब केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि संसद से लेकर सड़कों तक राजनीतिक टकराव का बड़ा विषय बन चुका है।












