दिल्ली इमारत हादसे में एमपी के 2 छात्रों की मौत, देवास के अर्पित और कटनी के अक्षत की गई जान

अर्पित देवास के जय बजरंग नगर और अक्षत कटनी की दुबे कॉलोनी का रहने वाला था। दोनों दिल्ली यूनिवर्सिटी में बी.कॉम की पढ़ाई कर रहे थे और 6 सितंबर को हुए इमारत हादसे में उनकी जान चली गई। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12 लोगों को बचाया गया है और 5 की हालत गंभीर बताई जा रही है।
अर्पित बी.कॉम सेकंड ईयर का छात्र था
अर्पित जाज देवास के कैलादेवी क्षेत्र के पास स्थित जय बजरंग नगर का रहने वाला था और दिल्ली यूनिवर्सिटी से बी.कॉम सेकंड ईयर में पढ़ रहा था। उसने 12वीं की पढ़ाई देवास की सेंट्रल इंडिया एकेडमी से की थी। वहीं, अक्षत यादव कटनी की दुबे कॉलोनी का रहने वाला था और दिल्ली यूनिवर्सिटी में बी.कॉम प्रथम वर्ष का छात्र था।
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6 सितंबर को हुआ था हादसा
यह हादसा दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में 6 सितंबर की दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ था। हादसे में ढही इमारत करीब 40 साल पुरानी बताई जा रही है और दिल्ली नगर निगम के रिकॉर्ड में इसे खतरनाक घोषित नहीं किया गया था।
रक्षाबंधन के बाद दिल्ली लौटा था अर्पित
अर्पित रक्षाबंधन मनाने के लिए घर आया था और 5 सितंबर को ही वापस दिल्ली चला गया था। उसके पिता भूपेंद्र जाज देवास में ट्रैवल एजेंसी चलाते हैं। हादसे की जानकारी मिलते ही परिवार रविवार देर रात दिल्ली पहुंचा और अस्पताल सहित घटनास्थल पर अर्पित की तलाश शुरू की।
पिता ने की शव की पहचान
सोमवार सुबह रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अर्पित का शव मलबे से बरामद किया गया। उसके पिता ने शव की पहचान की। अर्पित की मौत की खबर देवास पहुंचते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और जय बजरंग नगर स्थित उनके घर में मातम पसरा हुआ है।
बहन इंदौर में कर रही CA की पढ़ाई
अर्पित की एक बड़ी बहन प्रियांशी है, जो इंदौर में सीए की पढ़ाई कर रही है। कुछ दिन पहले जिस घर में रक्षाबंधन की खुशियां थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा है।
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7 लोगों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
सत्य निकेतन हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12 लोगों को बचाया गया है। वहीं, 5 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है और अभी भी कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। रेस्क्यू डॉग और कैमरों की सहायता से मलबे में लोगों की तलाश की जा रही है।




















