देहरादून। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज अपने तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर पहुंची है। इस दौरे के तहत वे हरिद्वार में पतंजलि यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में पहुंचीं, जहां बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति ने दीक्षांत समारोह में 54 स्टूडेंट्स को गोल्ड मेडल पहनाए। इसके साथ ही 62 शोधार्थियों को पीएचडी, तीन विद्वानों को डी. लिट. की उपाधि के अलावा 744 ग्रेजुएशन एवं 615 पोस्ट ग्रेजुएशन समेत 1424 स्टूडेंट्स को डिग्रियां दी।
दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हुए। अपने संबोधन में सीएम ने कहा कि हमने और दुनिया ने देखा कि कैसे राष्ट्रपति राफेल में सवार हुई और उड़ान भरी, जो पूरे देश के लिए प्रेरणादायक तस्वीर थी। उत्तराखंड के 25 साल पूरे होने पर आप यहां पहुंचें इसके लिए मैं आपका कोटी-कोटी आभार व्यक्त करता हूं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए कहा कि आज मुझे खुशी हुई कि जन लोगों को मैंने डिग्रियां दी, उनमें 64% संख्या लड़कियों की है। यह केवल संख्या नहीं है, यह महिलाओं के नेतृत्व में आगे बढ़ने वाले विकसित भारत का अग्रिम स्वरूप है। मुझे विश्वास है कि हमारी शिक्षित बेटियां अपनी आंतरिक शक्ति और प्रतिभा से भारत-माता का गौरव बढ़ाएंगी।
आगे राष्ट्रपति ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता के एक अध्याय में, भगवान श्रीकृष्ण ने, दैवी सद्गुणों और समृद्धियों के विषय में भी बताया है। उन्होंने दैवी सद्गुणों में ‘स्वाध्याय: तप आर्जवम्’ को शामिल किया है। स्वाध्याय का अर्थ है – निष्ठापूर्वक अध्ययन एवं मनन। तप का अर्थ है – कष्ट सहते हुए भी अपने कर्तव्य का पालन करना।
इससे पहले राष्ट्रपति सुबह 11:15 बजे हेलिकॉप्टर से देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचीं थी। यहां राज्यपाल पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह और सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों सहित उनका स्वागत किया।