Bankipur Election Result:बांकीपुर में प्रशांत किशोर की बड़ी जीत, BJP के गढ़ में जन सुराज ने मारी बाजी, पहली बार चुनाव लड़कर 18,953 वोटों से विजय

बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शानदार जीत दर्ज की है। पहली बार चुनाव मैदान में उतरे प्रशांत किशोर ने बीजेपी के उम्मीदवार नीरज सिन्हा को 18,953 वोटों के बड़े अंतर से हराया। 31 राउंड की मतगणना पूरी होने तक उन्हें 63,203 वोट मिले, जबकि बीजेपी उम्मीदवार नीरज सिन्हा को 44,250 वोट प्राप्त हुए।
पहली बार चुनाव लड़कर बनाया नया रिकॉर्ड
जन सुराज पार्टी बनाने के बाद यह पहला मौका था जब प्रशांत किशोर खुद चुनाव मैदान में उतरे। इससे पहले वे कई बड़े नेताओं के चुनावी रणनीतिकार के रूप में काम कर चुके हैं। इस जीत के साथ उन्होंने सक्रिय राजनीति में अपनी मजबूत शुरुआत की है। बांकीपुर सीट पर मिली इस जीत को बिहार की राजनीति में एक बड़े बदलाव के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।
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जीत के बाद बोले- बिहार को बेहतर नेतृत्व की जरूरत
जीत के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि सिर्फ गुजरात का ही विकास क्यों हो? बिहार के लोग केवल मजदूरी करने के लिए पैदा नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार को भी बेहतर नेतृत्व और विकास का अधिकार है। उन्होंने आगे कहा कि मेरे विधायक बनने से बांकीपुर रातों-रात बेंगलुरु नहीं बन जाएगा, लेकिन अगले दो-तीन महीनों में यहां लोगों को बदलाव जरूर दिखाई देगा। उन्होंने यह भी कहा कि बांकीपुर की जनता ने इस चुनाव के जरिए बीजेपी नेतृत्व को साफ संदेश दिया है कि बिहार को एक बेहतर मुख्यमंत्री की जरूरत है।
पत्नी ने जताया जनता का आभार
प्रशांत किशोर की जीत के बाद उनकी पत्नी ने भी बांकीपुर की जनता का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि जनता ने जिस भरोसे के साथ प्रशांत किशोर को समर्थन दिया है, उसके लिए वे सभी मतदाताओं की आभारी हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता की उम्मीदों पर पूरी ईमानदारी से काम किया जाएगा।
बिहार की राजनीति में नई शुरुआत
बांकीपुर से मिली यह जीत केवल एक विधानसभा सीट की जीत नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे जन सुराज पार्टी के लिए एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। पहली बार चुनाव लड़कर प्रशांत किशोर ने यह संदेश दिया है कि वे अब केवल चुनावी रणनीति बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जनता के बीच रहकर राजनीति करने के लिए भी तैयार हैं। आने वाले समय में उनकी यह जीत बिहार की राजनीति की दिशा और समीकरणों पर असर डाल सकती है।











