PoK में बवाल:पाकिस्तानी सेना की फायरिंग में 30 से ज्यादा लोगों की मौत, इंटरनेट बंद, विरोध प्रदर्शन तेज

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तानी सेना की फायरिंग में 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।
पाकिस्तानी सेना की फायरिंग में 30 से ज्यादा लोगों की मौत, इंटरनेट बंद, विरोध प्रदर्शन तेज
पाकिस्तानी सेना की फायरिंग में 30 से ज्यादा लोगों की मौत

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। वहां बड़ी संख्या में लोग पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि पाकिस्तानी सेना ने निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं, जिसमें अब तक 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, सैकड़ों लोगों के घायल होने की भी खबर है। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि कई शवों को सेना ने अपने कब्जे में लेकर गायब कर दिया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। स्थिति को देखते हुए पूरे PoK में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इंटरनेट बंद करने का मकसद प्रदर्शन और हिंसा की जानकारी दुनिया तक पहुंचने से रोकना है।

PoK में क्यों हो रहे हैं लगातार प्रदर्शन?

PoK में पिछले कई महीनों से लोग महंगाई, बेरोजगारी, प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक भेदभाव के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इन विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व 'ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी' (JAAC) नाम का संगठन कर रहा है। JAAC का आरोप है कि पाकिस्तान सरकार वहां की 12 विवादित सीटों का इस्तेमाल अपनी पसंद की सरकार बनाने के लिए करती है। संगठन का कहना है कि लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों का लगातार उल्लंघन किया जा रहा है और जनता की आवाज को दबाया जा रहा है।इसके अलावा स्थानीय लोग महंगाई, बिजली संकट, विकास कार्यों की कमी और कथित मानवाधिकार उल्लंघनों को लेकर भी नाराज हैं। इसी वजह से विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होते जा रहे हैं।

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प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग का आरोप

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जब हजारों लोग शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे थे, तभी पाकिस्तानी सेना ने उन पर गोलियां चला दीं। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई में 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। कई घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

पूरे PoK में इंटरनेट सेवाएं बंद

हालात बिगड़ने के बाद पूरे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इंटरनेट बंद होने से वे न तो अपने रिश्तेदारों से संपर्क कर पा रहे हैं और न ही सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात दुनिया तक पहुंचा पा रहे हैं। इंटरनेट बंद होने की वजह से इलाके से स्वतंत्र जानकारी मिलना भी मुश्किल हो गया है।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का बड़ा बयान

इस पूरे मामले के बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का बयान भी चर्चा में है। उन्होंने PoK में प्रदर्शन कर रहे लोगों को भारत की तरह ही दुश्मन बताया और कहा कि उनसे किसी तरह की बातचीत नहीं की जाएगी। उनके इस बयान के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के विशेष सलाहकार राणा सनाउल्लाह खान ने भी उनका समर्थन किया। राणा सनाउल्लाह ने कहा कि जिन लोगों को पाकिस्तान ने पाला-पोसा, अगर वही अब पाकिस्तान के खिलाफ खड़े होंगे तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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भारत सरकार ने क्या कहा?

भारत सरकार ने PoK के हालात पर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि PoK में हो रहे बड़े पैमाने के प्रदर्शन वहां के लोगों के आर्थिक शोषण, मौलिक अधिकारों से वंचित किए जाने और प्रशासनिक दमन का नतीजा हैं। भारत ने यह भी कहा कि पाकिस्तान वहां स्थानीय निकाय चुनावों का इस्तेमाल अपने अवैध कब्जे को सही साबित करने की कोशिश के रूप में कर रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, ऐसे चुनाव वहां के लोगों के अधिकारों और वास्तविक हालात को नहीं बदल सकते।

UN में भी उठा चुका है भारत यह मुद्दा

भारत इससे पहले भी संयुक्त राष्ट्र (UN) में PoK का मुद्दा उठा चुका है। भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया था कि वह PoK में रहने वाले लोगों के मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रहा है और उनकी मौलिक स्वतंत्रता को लगातार दबा रहा है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह भी कहा है कि पाकिस्तान को वहां रहने वाले लोगों के अधिकारों का सम्मान करना चाहिए।

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फारूक अब्दुल्ला ने जताई चिंता

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने भी PoK की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग से अपील की कि वह PoK में जाकर वहां के हालात का जायजा ले और लोगों की समस्याओं को समझे।  फारूक अब्दुल्ला ने भारत सरकार से भी इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने की मांग की। उनका कहना है कि वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए गंभीर प्रयास किए जाने चाहिए।

PoK में बढ़ता तनाव बना चिंता का विषय

PoK में लगातार बढ़ता तनाव पूरे क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बन गया है। एक ओर लोग अपने अधिकारों की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...

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