Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

समुद्रों के संरक्षण के लिए 120 मिलियन डॉलर का दान, गूगल के को-फाउंडर लैरी पेज की पत्नी ल्यूसिंडा साउथवर्थ ने उठाया कदम

संगठन 'ओशनकाइंड' (Oceankind) समुद्री विज्ञान और इको-इनोवेशन को सपोर्ट करने वाले प्राइवेट फंडिंग नेटवर्क्स में एक प्रमुख नाम है। रिपोर्ट्स के मुताबिक 2018 में शुरू होने के बाद से ओशनकाइंड अब तक महासागरों के संरक्षण के लिए 120 मिलियन डॉलर से ज्यादा की रकम दान कर चुका है।
समुद्रों के संरक्षण के लिए 120 मिलियन डॉलर का दान, गूगल के को-फाउंडर लैरी पेज की पत्नी ल्यूसिंडा साउथवर्थ ने उठाया कदम
Lucinda Southworth
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    दुनिया के कई बड़े रईस और बड़ी संस्थाएं इन दिनों पृथ्वी को बचाने वाले प्रोजेक्ट्स पर दिल खोलकर पैसा लगा रही हैं। ऐसी ही एक शख्सियत हैं ल्यूसिंडा साउथवर्थ, जो गूगल के को-फाउंडर लैरी पेज की पत्नी हैं। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ी वैज्ञानिक ल्यूसिंडा, समुंदर को हाई-टेक तरीकों से बचाने के लिए काम करने वाले सबसे बड़े डोनर्स में गिनी जाती हैं। उनका संगठन 'ओशनकाइंड' (Oceankind) समुद्री विज्ञान और इको-इनोवेशन को सपोर्ट करने वाले प्राइवेट फंडिंग नेटवर्क्स में एक प्रमुख नाम है। रिपोर्ट्स के मुताबिक 2018 में शुरू होने के बाद से ओशनकाइंड अब तक महासागरों के संरक्षण के लिए 120 मिलियन डॉलर से ज्यादा की रकम दान कर चुका है।

     ओशनकाइंड किस पर फोकस करता है और कहां फंडिंग देता है

    संगठन की वेबसाइट के मुताबिक, इसके काम में कंजर्वेशन, क्लाइमेट और समुद्र से जुड़े समाधान, और पर्यावरण से जुड़ी अहम प्राथमिकताएं शामिल हैं। इसके लिए ओशनकाइंड दो मुख्य रणनीतियों पर काम करता है- पॉलिसी को बढ़ावा देने के लिए ग्रांट देना और शुरुआती दौर की कंजर्वेशन टेक्नोलॉजी को 'लैब्स इनिशिएटिव' के जरिए फंड करना। इसकी वेबसाइट पर लिखा है- ओशनकाइंड का मकसद दुनियाभर के समुद्री इकोसिस्टम की सेहत को बेहतर बनाना है और साथ ही उन लोगों की आजीविका का साथ देना है जो इन पर निर्भर हैं। हम ऐसी पॉलिसी, विज्ञान और टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाना चाहते हैं जो हमारे समुद्रों के सामने बढ़ते खतरों को कम कर सकें। संगठन का कहना है, हमारी टीम इनोवेशन और पर्यावरण के क्षेत्र में परोपकारी कामों के अपने अनुभव का इस्तेमाल कर ऐसी पॉलिसी, संस्थाओं और टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देती है, जिन्हें बड़े पैमाने पर लागू कर समुद्र के सामने मौजूद बड़ी चुनौतियों को हल किया जा सके। ओशनकाइंड का मुख्य फोकस समंदर की सेहत और उस पर निर्भर समुदायों की आर्थिक बेहतरी पर है।

    जलवायु को लेकर इन मुद्दों को मानते हैं अहम

    संस्था का कहना है, आज समुद्री पर्यावरण को प्रभावित करने वाले कई मुद्दों में से हमारा मानना है कि जलवायु परिवर्तन, जरूरत से ज्यादा मछली पकड़ना, प्राकृतिक आवास का नुकसान और प्रदूषण सबसे अहम हैं। TechCrunch की रिपोर्ट के अनुसार, इस संस्था ने गुप्त ग्रांट के तौर पर 120 मिलियन डॉलर से ज्यादा दान किए हैं। गौर करने वाली बात यह है कि यह पहल अवॉर्ड की सटीक रकम का खुलासा नहीं करती, इसलिए इसके वित्तीय दायरे का पता सिर्फ पब्लिकेशन की खोजी रिपोर्टिंग से ही चला है, चूंकि यह डेटा मई 2022 तक का है, इसलिए पूरी संभावना है कि Oceankind ने पर्यावरण से जुड़े कार्यक्रमों में अब तक 121 मिलियन डॉलर से ज्यादा खर्च कर दिए होंगे।

    Breaking News

     पयार्वरण के लिए दान किए गए फंड का डीटेल

    •  -कमर्शियल शिपिंग से होने वाले उत्सर्जन और कार्बन कैप्चर समाधानों से निपटने के लिए ClimateWorks को 18.2 मिलियन डॉलर दिए गए।
    • -ऑटोनॉमस कोरल-रीसीडिंग रोबोटिक्स बनाने के लिए क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी को लगभग 2 मिलियन डॉलर दिए गए।
    • -Great Barrier Reef Foundation को 1 मिलियन डॉलर दिए गए।
    • -SkyTruth को 100,000 डॉलर दिए गए, जिससे उसका Cerulean सिस्टम अपने शुरुआती साल में जान-बूझकर तेल बहाने वाले 187 समुद्री जहाजों को ट्रैक कर सका।

    समुद्र को देखरेख के लिए दूसरी सबसे बड़ी संस्था

    बाद में Chronicle of Philanthropy की सेक्टर स्टडीज से पता चला कि उन पुराने आंकड़ों के आधार पर Oceankind दुनिया में समुद्री पर्यावरण के लिए दान देने वाली दूसरी सबसे बड़ी प्राइवेट संस्था थी, जो सिर्फ Packard Foundation से पीछे थी। यह सेक्टर तेजी से बढ़ा है और 2010 में सालाना कम से कम 5 मिलियन डॉलर दान करने वाली 11 संस्थाओं की संख्या बढ़कर 2022 तक 38 ग्रुप हो गई।

    कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर के तहत काम करता है

    पारंपरिक अमेरिकी चैरिटेबल फाउंडेशन के उलट, ओशनकाइंड एक अलग कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर के तहत काम करता है। यह संस्था कैलिफोर्निया में एक 'लिमिटेड लायबिलिटी कंपनी' के तौर पर रजिस्टर्ड है, जिससे इसे पारंपरिक नॉन-प्रॉफिट संस्थाओं पर लागू होने वाले खुलासे के नियमों से छूट मिलती है। राज्य की बिजनेस फाइलिंग (TechCrunch के जरिए) से पता चलता है कि इस संस्था का कामकाज उस फैमिली ऑफिस के जरिए चलाया जाता है जो पेज की निजी संपत्ति का प्रबंधन करता है, जबकि ओशनकाइंड ने पुष्टि की है कि साउथवर्थ सीधे इसे फंडिंग देती हैं। वेबसाइट के अनुसार, इन प्रोग्राम को आगे बढ़ाने में ओशनकाइंड दो बुनियादी तरीकों का इस्तेमाल करता है। पहला, हमारा स्टैंडर्ड ग्रांट देने का तरीका अहम नीतियों को आगे बढ़ाने पर केंद्रित है। दूसरा, हमारी 'लैब्स पहल' का मकसद बेहतरीन संरक्षण तकनीकों के विकास में तेजी लाना है।

    रूस में चुनाव, मॉस्को में ड्रोन अटैक... रिफाइनरी में लगी आग, आखिर क्यों बढ़ा तनाव?

    कौन हैं लुसिंडा साउथवर्थ?

    लुसिंडा साउथवर्थ ने 2001 में यूनिवर्सिटी ऑफ पेन्सिलवेनिया से अपनी अंडरग्रेजुएट पढ़ाई पूरी की थी। उन्होंने ऑक्सफोर्ड से मास्टर डिग्री हासिल की और बाद में दिसंबर 2008 में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में बायोमेडिकल इंफॉर्मेटिक्स में अपना डॉक्टरेट शोध-प्रबंध (dissertation) जमा किया। उन्होंने दिसंबर 2007 में रिचर्ड ब्रैनसन के नेकर आइलैंड पर लैरी पेज से शादी की।

    Puneet Pandey
    By Puneet Pandey

    Latest Posts