संसदीय स्थायी समितियों का पुनर्गठन, सुधांशु त्रिवेदी को वाणिज्य समिति की कमान

पुनर्गठन में तृणमूल कांग्रेस से दो अहम संसदीय समितियों की अध्यक्षता चली गई है। बीजेपी के सुधांशु त्रिवेदी को वाणिज्य समिति का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि काकोली घोष दस्तीदार को रसायन एवं उर्वरक समिति की जिम्मेदारी मिली है। वहीं, कई विपक्षी नेताओं और NDA सहयोगी दलों के नेताओं को उनकी समितियों की जिम्मेदारी पर बरकरार रखा गया है।
सुधांशु त्रिवेदी को वाणिज्य समिति की कमान
बीजेपी के सुधांशु त्रिवेदी को संसदीय वाणिज्य समिति का नया अध्यक्ष बनाया गया है। उन्होंने टीएमसी की डोला सेन की जगह ली है। वहीं, काकोली घोष केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स से जुड़ी समिति की जिम्मेदारी मिली है, उन्होंने अपने पूर्व पार्टी सहयोगी कीर्ति आजाद की जगह ली है।
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डीएमके के दोनों अध्यक्ष फिर बरकरार
डीएमके सांसद तिरुचि शिवा और कनिमोझी को उनकी संबंधित समितियों का अध्यक्ष फिर नियुक्त किया गया है। तिरुचि शिवा उद्योग समिति और कनिमोझी खाद्य, उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण समिति की अध्यक्ष बनी रहेंगी।
विपक्ष के कई नेताओं की जिम्मेदारी कायम
कांग्रेस के शशि थरूर विदेश मामलों और चरणजीत सिंह चन्नी कृषि समिति के अध्यक्ष बने रहेंगे। मुकुल वासनिक को शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल समिति की जिम्मेदारी पर बरकरार रखा गया है। समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण समिति के अध्यक्ष बने रहेंगे।
बीजेपी और सहयोगी दलों के नेताओं को भी जिम्मेदारी
बीजेपी के राधा मोहन सिंह रक्षा समिति, अनुराग ठाकुर कोयला, खान एवं इस्पात समिति और निशिकांत दुबे संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी समिति की अध्यक्षता करेंगे। JDU के संजय कुमार झा परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति और शिवसेना के श्रीरंग बारणे ऊर्जा समिति के अध्यक्ष बने रहेंगे।
समितियां मंत्रालयों के कामकाज की करती हैं समीक्षा
बता दें कि संसद की विभाग-संबंधी स्थायी समितियां अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों के कामकाज, बजट, विधेयकों और नीतिगत मामलों की समीक्षा करती हैं। ऐसी 24 समितियां हैं और प्रत्येक में 31 सदस्य होते हैं, जिनमें 21 लोकसभा और 10 राज्यसभा से होते हैं। इन समितियों का कार्यकाल सामान्य तौर पर एक साल का होता है।




















