दिल्ली में प्रदूषण पर 24x7 नजर, 700 से ज्यादा निर्माण साइट्स पर AI-CCTV से निगरानी

नई दिल्ली। यह सेंटर 24x7 काम करेगा और सर्दियों में प्रदूषण के खिलाफ वॉर रूम की तरह सक्रिय रहेगा। 700 से ज्यादा निर्माण साइट्स पर AI और CCTV से निगरानी होगी, जबकि रोड स्वीपिंग मशीनें GPS से ट्रैक की जाएंगी। वायुदूत टीमों के बॉडी कैमरे भी सेंटर से जुड़े रहेंगे, ताकि प्रदूषण नियमों के उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
24x7 निगरानी और सर्दियों में वॉर रूम
ICCC में दिल्ली के प्रदूषण से जुड़े आंकड़ों और गतिविधियों की लगातार निगरानी की जाएगी। सर्दियों के दौरान यह सेंटर वॉर रूम की तरह काम करेगा और 78 सब-डिविजन टीमें जरूरत के मुताबिक मौके पर कार्रवाई करेंगी। लोग जन सुझाव पोर्टल के जरिए प्रदूषण से जुड़ी शिकायतें भी भेज सकेंगे।
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AI-CCTV से निर्माण साइट्स पर नजर
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के मुताबिक 500 वर्गमीटर से बड़ी निर्माण साइट्स की लाइव निगरानी की जा रही है। 700 से ज्यादा साइट्स पर AI और CCTV के जरिए नजर रखी जाएगी। किसी साइट पर PM10 का स्तर बढ़ने या नियमों का उल्लंघन होने पर विभाग और संबंधित साइट मालिक को तुरंत सूचना दी जाएगी।
डिटेक्ट से वेरिफाई तक होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि केवल प्रदूषण के आंकड़े जुटाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समय पर कार्रवाई जरूरी है। ICCC में ‘डिटेक्ट, एनालाइज, एक्ट, वेरिफाई’ के आधार पर काम होगा। पहले समस्या की पहचान होगी, फिर उसका विश्लेषण कर संबंधित विभाग को अलर्ट किया जाएगा और अंत में कार्रवाई के परिणाम की पुष्टि की जाएगी।
GPS से ट्रैक होंगी स्वीपिंग मशीनें
मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों को GPS से ICCC से जोड़ा गया है। सेंटर से मशीनों की लोकेशन, रूट, सफाई, तय दूरी और काम की अवधि पर नजर रखी जाएगी। इससे यह भी पता चलेगा कि मशीनें निर्धारित समय और रूट के अनुसार काम कर रही हैं या नहीं।




















