जंतर-मंतर प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस की सख्ती, 3 FIR दर्ज; CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन से जुड़े मामलों में तीन FIR दर्ज की हैं। ये FIR पार्लियामेंट स्ट्रीट और कनॉट प्लेस थानों में दर्ज हुई हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, करीब 1,000 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें राजनीतिक दलों के नेताओं के अलावा छात्र संगठन और सिविल सोसाइटी से जुड़े लोग शामिल थे। पुलिस ने कहा कि नई दिल्ली जिले में लागू प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन होने पर कार्रवाई की गई।
जंतर-मंतर पहुंचने से पहले कार्रवाई
शुक्रवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें अलग-अलग जगहों पर रोककर हिरासत में लिया और कई लोगों को बसों के जरिए अलग-अलग थानों में ले जाया गया। उपलब्ध पुलिस आंकड़ों के अनुसार, जंतर-मंतर और आसपास से करीब 750 और दिल्ली के दूसरे हिस्सों से करीब 400 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई, जबकि अधिकारियों ने कुल संख्या करीब 1,000 बताई।
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तीन FIR, BNS की धारा 223 में केस
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पार्लियामेंट स्ट्रीट और कनॉट प्लेस थानों में तीन FIR दर्ज की गई हैं। इनमें भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 223 का इस्तेमाल किया गया है। FIR में किसी व्यक्ति या संगठन को नामजद आरोपी नहीं बनाया गया, हालांकि प्रदर्शन का आह्वान करने वाले और उसमें शामिल संगठनों और आयोजकों का उल्लेख किया गया है।
BNSS की धारा 163 के तहत रोक
प्रदर्शन से पहले नई दिल्ली में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए थे। पुलिस के अनुसार, बिना लिखित अनुमति के सार्वजनिक सभा, पांच या उससे अधिक लोगों के एक जगह जुटने, जुलूस, प्रदर्शन, धरना, नारेबाजी और भाषण पर रोक थी। हथियारों के साथ बैनर, प्लेकार्ड, लाठी, डंडे और पत्थर ले जाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया था।
पुलिस ने पहले ही दी थी चेतावनी
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार सुबह सोशल मीडिया के जरिए लोगों को प्रतिबंधात्मक आदेशों की जानकारी दी थी। पुलिस का कहना था कि लोगों की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए ये कदम उठाए गए हैं। पुलिस ने चेतावनी दी थी कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ BNS की धारा 223 और अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
आतिशी, योगेंद्र यादव भी हिरासत में
हिरासत में लिए गए लोगों में AAP नेता और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी, AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा और स्वराज इंडिया के नेता योगेंद्र यादव शामिल थे। इनके अलावा AAP नेता सौरभ भारद्वाज, कांग्रेस कार्यकर्ता और AISA, SFI और NSUI से जुड़े लोग भी पुलिस कार्रवाई की जद में आए।
SIR के मुद्दे पर इस्तीफे की मांग
प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगाए जा रहे आरोप रहे। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी और जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा बढ़ाई गई थी।




















