संसद का मानसून सत्र आज से :विपक्ष सरकार को कई मुद्दों पर घेरेगा; 7 अहम विधेयक भी होंगे पेश

मानसून सत्र में सरकार सात नए विधेयक संसद में पेश करेगी। लोकसभा में सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 लाया जाएगा। इसके जरिए सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने का प्रस्ताव है।
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विपक्ष सरकार को कई मुद्दों पर घेरेगा; 7 अहम विधेयक भी होंगे पेश

नई दिल्लीसंसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। सत्र के पहले ही दिन सरकार और विपक्ष के बीच तीखी टकराव की संभावना है। विपक्ष सोनम वांगचुक के अनशन, NEET-UG पेपर लीक, स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR), महंगाई, राम मंदिर चढ़ावा चोरी और अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं, केंद्र सरकार इस सत्र में सात महत्वपूर्ण विधेयक पेश करेगी। यह सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा की कुल 19 बैठकें होंगी।

विपक्ष इन मुद्दों पर करेगा सरकार का घेराव

सत्र के दौरान विपक्ष शिक्षा, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगा। सोनम वांगचुक का भूख हड़ताल, NEET-UG पेपर लीक मामला, बिहार में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR), राम मंदिर चढ़ावा चोरी और अन्य राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। इन मुद्दों को लेकर पहले दिन से ही हंगामे के आसार हैं।

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सरकार पेश करेगी 7 अहम विधेयक

मानसून सत्र में सरकार सात नए विधेयक संसद में पेश करेगी। लोकसभा में सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 लाया जाएगा। इसके जरिए सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने का प्रस्ताव है। यह विधेयक मई में जारी अध्यादेश की जगह लेगा।

वहीं, राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करेंगे। इस संशोधन के बाद राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' को भी राष्ट्रगान 'जन गण मन' की तरह कानूनी संरक्षण देने का प्रस्ताव है। यदि कानून बनता है तो वंदे मातरम् का अपमान या उसके गायन में बाधा डालना दंडनीय अपराध होगा, जिसमें जेल और जुर्माने का प्रावधान रहेगा।

TMC के बागी सांसद पहली बार अलग दल के रूप में दिखेंगे

इस बार का मानसून सत्र राजनीतिक रूप से भी खास रहेगा। तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग हुए सांसद पहली बार अपनी नई पार्टी नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया के बैनर तले संसद में नजर आएंगे। लोकसभा सचिवालय ने TMC के 20 बागी सांसदों समेत कुल 39 सांसदों की सीटें बदली हैं। इसके चलते कई अन्य सांसदों की सीटों में भी बदलाव किया गया है।

संसद परिसर में कड़ी सुरक्षा

CJP के प्रदर्शन और 'चलो संसद' मार्च को देखते हुए संसद परिसर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया गया है। सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद भवन के हंस द्वार पर मीडिया को संबोधित करेंगे। वहीं, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सभी सांसदों से संविधान की भावना, संसदीय परंपराओं और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंदिर है और इसे सुचारु रूप से चलाना सभी जनप्रतिनिधियों की साझा जिम्मेदारी है।

क्या होता है ऑर्डिनेंस (अध्यादेश)?

  • जब संसद का सत्र नहीं चल रहा होता और किसी विषय पर तुरंत कानून बनाने की जरूरत होती है, तब केंद्र सरकार ऑर्डिनेंस (अध्यादेश) जारी कर सकती है। यह राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून की तरह प्रभावी हो जाता है।
  • हालांकि, संसद का सत्र शुरू होने के बाद 6 सप्ताह (42 दिन) के भीतर इस अध्यादेश को लोकसभा और राज्यसभा दोनों से पारित कराना जरूरी होता है। यदि तय समय के भीतर संसद से मंजूरी नहीं मिलती, तो ऑर्डिनेंस स्वतः समाप्त हो जाता है।
Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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