प्रवीण श्रीवास्तव
भोपाल। जहरीले कफ सिरप से छिंदवाड़ा में मासूमों की मौत के बाद सरकार से लेकर जांच एजेंसियां कोल्ड्रिफ सिरप बनाने वाली कंपनी की जांच में जुटी हैं। इन सब जांच के बीच अब सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली दो और दवाओं को खराब गुणवत्ता के चलते ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। यह कार्रवाई मप्र हेल्थ कॉर्पोरेशन द्वारा की गई। प्रदेश में सरकारी दवाओं के स्तर का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बच्चों के शरीर में पानी की कमी होने पर दिया जााने वाला ओआरएस भी खराब पाया गया। इसके साथ ही नवजात बच्चों के हार्ट कमजोर होने पर दी जाने वाली दवा डोबुटामाइन की क्वालिटी भी पिछले माह आई रिपोर्ट में खराब पाई गई।
रिपोर्ट में बच्चों की आखों में दर्द या अन्य तकलीफ पर दिए जाने वाले जेंटामाइसिन टेबलेट और अवसाद के मरीजों को दी जाने वाली एस्सिटालोप्राम में भी गड़बड़ियां मिली हैं। इसके बाद इन दवाओं को ब्लेक लिस्ट किया गया। इस साल जनवरी से अब तक हुई जांच के बाद 19 दवाओं की क्वालिटी तय मानक से खराब पाई जा चुकी है। इन दवाओं की रिपोर्ट आने तक हर रोज हजारों मरीजों को इन्हें बांटा जा रहा था।
विशेषज्ञों का कहना है कि दवाओं की क्वालिटी में गड़बड़ी होने पर रिपोर्ट में अमानक लिखा जाता है। इससे कोर्ट में केस के दौरान जिम्मेदारों का गुनाह कम गंभीर हो जाता है। जबकि इस तरह के मामले में एडल्ट्रेटेड (मिलावटी या अशुद्ध) लिखा जाना चाहिए। स्ट्रिप फटे होने, नमी होने, दवा का रंग बदल जाने जैसी छोटी मोटी कमियों को अमानक स्तर का माना जाता है।
छिंदवाड़ा जिला प्रशासन सतर्क होता तो 22 बच्चों की मौत टाली जा सकती थी। नागपुर के कलर्स अस्पताल के संचालक डॉ. राजेश अग्रवाल ने 16 सितंबर को ही परासिया के पार्षद अनुज पाटकर को चेताया था कि बच्चों की किडनी फेल हो रही है और यह किसी दवा का साइड इफेक्ट हो सकता है। पार्षद ने एसडीएम शुभम कुमार यादव और तत्कालीन डीएम शीलेंद्र सिंह को इसकी जानकारी दी थी। इसके 14 दिन बाद 30 सितंबर को कोल्ड्रिफ सिरप पर बैन लगाया गया। पार्षद अनुज पाटकर ने बताया, डॉ. अग्रवाल ने कहा था कि परासिया के दो बच्चे उनके अस्पताल में भर्ती हैं और अन्य अस्पतालों में भी ऐसे ही मामले बढ़ रहे हैं।
चेन्नई। छिंदवाड़ा पुलिस द्वारा 20 हजार का इनाम घोषित करने के अगले दिन ही श्री सन फार्मा का मालिक रंगनाथन को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे मप्र एसआईटी ने चेन्नई पुलिस की मदद से अरेस्ट किया।
दवा बैच नंबर किस काम आती हैं
एस्सिटालोप्राम बीटी6896 अवसाद के दौरान दी जाती है
जेंटामाइसिन जीएमए22323 आंखों में उपयोग होता है
सेरेटियोपेप्टिडेज टीआर25सी064 मांसपेशियों की पीड़ा को कम करने के लिए
एनालाप्रिल आर24सी024 हाई बीपी के इलाज के लिए
मल्टीविटामिन कैप. डब्ल्यूटी 682 शरीर में विटामिन की कमी दूर करने
ओआरएस पीओ1890 बच्चों में पानी की कमी
डोबुटामाइन डीबीए12402 शिशुओं के हार्ट कैपिसिटी बढ़ाने के लिए
एचआईवी किट बीएचआईवी2403 एचआईवी संक्रमण जांचने के लिए
एसिलोफॉनिक सो. टी 4167 दर्द में उपयोगी