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नए 6 लेन का इकोनॉमिक कॉरिडोर से ग्वालियर से नागपुर 16 घंटे में पहुंचेंगे

मप्र में नया इकोनॉमिक कॉरिडोर बनने से खाद्यान्न, फल, सब्जी के निर्यात में एक्सपोर्टरों को होगी आसानी। यह कॉरिडोर भूतल परिवहन मंत्रालय द्वारा बनाया जा रहा है। इससे 9 जिलों को सीधा फायदा होगा।
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नए 6 लेन का इकोनॉमिक कॉरिडोर से ग्वालियर से नागपुर 16 घंटे में पहुंचेंगे
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    अशोक गौतम , भोपाल। ग्वालियर से बैतूल होते हुए सीधा नागपुर तक 6 लेन इकोनॉमिक कॉरिडोर बनाने की तैयारी की जा रही है। यह कॉरिडोर भूतल परिवहन मंत्रालय बना रहा है, जो प्रदेश के 9 जिलों से होकर सीधा नागपुर जाएगा। इससे प्रदेश से निर्यात होने वाले खाद्यान्न, फल, सब्जी, मसाले, दवाइयों सहित अन्य सामग्री पोर्ट तक पहुंचाने में एक्सपोर्टरों को आसानी होगी। इस रूट से ग्वालियर से नागपुर पहुंचने में 16-17 घंटे का समय लगेगा, क्योंकि इसमें सिर्फ 50-60 किमी के बीच में ही एंट्री मिलेगी। वर्तमान में 24 घंटे से ज्यादा समय लगता है।

    हर जिलों में बनेंगे एक-एक इंडस्ट्रियल क्लस्टर

    हाईवे मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, अशोक नगर, विदिशा, भोपाल, रायसेन, नर्मदापुरम और बैतूल होकर नागपुर में प्रवेश करेगा। इन जिलों में एक-एक इंडस्ट्रियल क्लस्टर बनाया जाएगा। जहां पर लॉजिस्टिक हब बनाया जाएगा। इन क्षेत्रों को नए औद्योगिक क्षेत्रों में टाउनशिप के रूप में तैयार किया जाएगा।

    यूपी, एमपी और महाराष्ट्र के हाईवे से कनेक्टिविटी

    यह हाईवे ग्वालियर में ग्वालियर-आगरा हाइवे से यूपी और नागपुर में नागपुर-पूणे-मुंबई हाइवे से जोड़ा जाएगा। मध्य प्रदेश में खजुराहो, सांची, पन्ना टाइगर रिजर्व, पचमढ़ी, सतपुड़ टाइगर रिजर्व, कूनो नेशनल पार्क इससे जुड़ेगा।

    फिजिबिलिटी सर्वे जल्द शुरू होगा 

    सड़क परिवहन मंत्रालय के क्षेत्रीय अधिकारी रविंद्र सिंह कहते हैं कि ग्वालियर-नागपुर के लिए सीधे हाईवे बनाने पर विचार किया जा रहा है। भूतल परिवहन मंत्रालय से सहमति मिली है। फिजिबिलिटी सर्वे के लिए मालवीय कंपनी को काम दिया गया है। सर्वे में यह देखा जाएगा जा रहा है कि इस हाईवे को कितना ट्रैफिक मिलेगा। भोपाल ट्रांसपोर्ट कंपनीज एसोसिएश के अध्यक्ष ठाकुर लाल राजपूत कहते हैं कि इससे 5-7 घंटे बचेंगे। वर्तमान में सीधा रोड नागपुर के लिए नहीं है। हाईवे सबसे अच्छी बात यह है कि कहीं रुकावट नहीं होती है। मप्र से महाराष्ट्र, उप्र अनाज, फल, दवाइयां,ग्रेफाइट, प्लास्टिक का परिवहन किया जाता है।     

    ये इकोनॉमिक कॉरिडोर बन रहे प्रदेश में

    भोपाल-कानपुर

     भोपाल- इंदौर

    ग्वालियर-कानपुर

    इंदौर-पीथमपुर

    जबलपुर-बिलासपुर

     

          

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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