Aakash Waghmare
17 Jan 2026
Manisha Dhanwani
17 Jan 2026
हरदा/ भोपाल। लंबे समय से शिकायतों की अनदेखी के विरोध में हरदा जिले के रहटगांव स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के 400 छात्र-छात्राओं ने सुनवाई के लिए अनूठी पहल की। छात्रों ने आधी रात में हॉस्टल की बाउंड्री और गेट फांदी। इसके बाद पैदल मार्च करते हुए हरदा कलेक्टर से मिलने चल दिए।
छात्र-छात्राओं तड़के रैली देखकर हाई वे पर तैनात डायल-112 ने इसके बारे में उच्च अधिकारियों को खबर की। इसके बाद तत्काल पुलिस टीमें छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के लिए निकल पड़ी। वहीं हरदा कलेक्टर सिद्धार्थ जैन भी तत्काल निकल पडेÞ और अल सुबह बीच रास्ते छात्रों को रोककर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाते मनाया।
छात्रावास अधीक्षक को हटाने पर अडेÞ आदिवासी छात्र-छात्राएं
दरअसल खाने की घटिया क्वालिटी सहित दूसरी समस्याओं के समाधान नहीं होने से छात्र छात्राओं में आक्रोश बहुत ज्यादा हो गया था। ऐसे में शनिवार रात हॉस्टल से रात करीब 3 बजे चुपचाप निकले और स्कूल ड्रेस में ही छात्राएं रहटगांव से 8 किलोमीटर पैदल चलकर सोडलपुर पहुंचे। इस बीच पुलिस के माध्यम से छात्रों के मार्च की जानकारी कलेक्टर हरदा को मिली। इस पर कलेक्टर सिद्धार्थ जैन तत्काल निकले और अल सुबह करीब 7 बजे पहुंच कर मार्च करते छात्रों को रोका, मौके पर टिमरनी ओर रहटगांव से पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची। ज्ञात हो कि पूर्व में भी कई बार छात्र छात्राओं ने अधीक्षिका को हटाने की मांग की थी लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। छात्रों ने बताया कि प्राचार्य सोनिया आनंद की मनमानी के चलते वे लंबे समय से परेशान हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो मजबूर होकर बच्चों ने करीब 40 किलोमीटर का सफर पैदल तय करने का फैसला किया।
रास्तेभर नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ते रहे छात्र-छात्राएं
पैदल मार्च के दौरान बच्चों ने रास्ते भर प्राचार्य के खिलाफ नारेबाजी की। प्राचार्य हाय हाय और ऐसा भोजन नहीं चलेगा जैसे नारों के साथ बच्चों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। करीब 10 किलोमीटर पैदल चलने के बाद जिला कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ग्राम सोडलपुर के पास फोरलेन मार्ग पर बच्चों से मिलने पहुंचे। कलेक्टर के पहुंचते ही बच्चों ने वहीं बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और अपनी समस्याओं व मांगों को उनके सामने रखा। कलेक्टर ने भरोसा दिलाया कि जांच के बाद सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही निगरानी के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया। इसके बाद ही छात्र छात्राएं माने, जिसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर छात्र छात्राओं को बसों के माध्यम से वापस रहटगांव छात्रावास भिजवाया गया।