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फास्ट ट्रैक कोर्ट क्या है?PM मोदी के ऐलान के बाद जानिए कैसे 6 महीने में हो सकता है फैसला

NEET पेपर लीक विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामले की सुनवाई कराने का ऐलान किया है। उन्होंने दोषियों को जल्द और कड़ी सजा देने की बात कही। जानिए फास्ट ट्रैक कोर्ट क्या होती है, यह कैसे काम करती है और विपक्ष ने इस घोषणा पर क्या प्रतिक्रिया दी।
PM मोदी के ऐलान के बाद जानिए कैसे 6 महीने में हो सकता है फैसला
पेपर लीक पर सख्त हुए PM मोदी, फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई

NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। जंतर-मंतर समेत कई शहरों में छात्र और विभिन्न संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि पेपर लीक के दोषियों को जल्द और कड़ी सजा दी जाएगी। इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामले की सुनवाई कराई जाएगी।

PM मोदी ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में कहा कि पेपर लीक के सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा, ताकि जल्द फैसला हो सके।

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फास्ट ट्रैक कोर्ट क्या होती है?

फास्ट ट्रैक कोर्ट एक विशेष अदालत होती है, जिसका उद्देश्य गंभीर और लंबे समय से लंबित मामलों की तेजी से सुनवाई करना है। इन अदालतों में सामान्य अदालतों की तुलना में कम समय में फैसला सुनाने की कोशिश की जाती है।

कैसे काम करती है फास्ट ट्रैक कोर्ट?

  • फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामलों की सुनवाई तय समय सीमा के अंदर पूरी करने का प्रयास किया जाता है।
  • आमतौर पर ऐसे मामलों का फैसला करीब 6 महीने के अंदर करने का लक्ष्य रखा जाता है।
  • इन अदालतों में अनुभवी या सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) न्यायाधीशों की नियुक्ति भी की जा सकती है।
  • उद्देश्य यह होता है कि महत्वपूर्ण मामलों में न्याय मिलने में अनावश्यक देरी न हो।

देश में कब शुरू हुई थी फास्ट ट्रैक कोर्ट?

भारत में फास्ट ट्रैक कोर्ट की शुरुआत साल 2000 में की गई थी। वर्तमान में देशभर में 879 से अधिक फास्ट ट्रैक कोर्ट काम कर रही हैं। प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद NEET पेपर लीक मामले की सुनवाई भी इसी तरह की अदालत में कराए जाने की बात कही गई है।

Narendra Modi

विपक्ष ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री की घोषणा पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि केवल फास्ट ट्रैक कोर्ट का ऐलान पर्याप्त नहीं है। विपक्ष का कहना है कि नई घोषणाएं करने के बजाय सरकार को पेपर लीक मामलों में जिम्मेदारी तय करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।

अब आगे क्या होगा?

सरकार का कहना है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए मामले की सुनवाई तेजी से होगी और दोषियों को जल्द सजा दिलाने की कोशिश की जाएगी। वहीं, विपक्ष इस मुद्दे पर जवाबदेही और पारदर्शी जांच की मांग कर रहा है। ऐसे में अब सभी की नजर सरकार की अगली कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया पर बनी हुई है।

Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...

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