Manisha Dhanwani
17 Jan 2026
Shivani Gupta
16 Jan 2026
Manisha Dhanwani
16 Jan 2026
Shivani Gupta
15 Jan 2026
Manisha Dhanwani
15 Jan 2026
ब्रसेल्स। NATO ने भारत, चीन और ब्राजीलल को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इन देशों ने रूस के साथ व्यापारिक संबंध बनाए रखे तो उन पर 100% टैरिफ और सेकेंडरी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। यह धमकी नाटो महासचिव मार्क रूट ने बुधवार को अमेरिकी सीनेटरों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान दी।
मार्क रूट ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “अगर आप भारत के प्रधानमंत्री, चीन के राष्ट्रपति या ब्राजील के राष्ट्रपति हैं, तो आपको समझना चाहिए कि रूस से तेल और गैस खरीदना महंगा पड़ सकता है। रूस पर दबाव बनाना अब इन देशों की जिम्मेदारी है ताकि वह युद्ध समाप्ति के लिए शांति वार्ता में गंभीर हो।”
उन्होंने संकेत दिए कि यदि रूस से व्यापार नहीं रुका तो नाटो और अमेरिका, इन देशों के खिलाफ कड़े सेकेंडरी प्रतिबंध भी लागू कर सकते हैं। ये प्रतिबंध खासतौर पर ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में व्यापार को प्रभावित करेंगे।
नाटो महासचिव की यह चेतावनी सीधे तौर पर भारत, चीन और ब्राजील जैसे देशों को दी गई है जो रूस से अब भी तेल और गैस खरीद रहे हैं। पश्चिमी देशों का मानना है कि इनका रूस से निरंतर व्यापार रूस को यूक्रेन युद्ध में ताकत देता है और इससे युद्ध को समाप्त करने की कोशिशें कमजोर पड़ती हैं।
नाटो की धमकी के तुरंत बाद रूस ने पलटवार किया। रूस के उप विदेश मंत्री सर्गेई रियाबकोव ने कहा, “हम अमेरिका और नाटो की चेतावनियों से डरने वाले नहीं हैं। रूस अपनी रणनीति और विदेश नीति में कोई बदलाव नहीं करेगा। हम विकल्पों की तलाश करेंगे और व्यापारिक रास्ते खुले रखेंगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि रूस ट्रंप सरकार से संवाद के लिए तैयार है, लेकिन किसी तरह का अल्टीमेटम मंजूर नहीं किया जाएगा।
इस घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को पैट्रियट मिसाइल सिस्टम जैसे आधुनिक हथियार देने की घोषणा की है। साथ ही रूस के व्यापारिक साझेदारों पर भारी टैक्स लगाने की नीति अपनाने की बात भी कही गई है। इससे साफ है कि अमेरिका अब रूस को चौतरफा घेरने की रणनीति अपना रहा है।