Aniruddh Singh
17 Jan 2026
वाशिंगटन डीसी। दुनिया के नंबर एक कारोबारी एलन मस्क (Alon Musk) ने अमेरिका की फेडरल कोर्ट में दावा किया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी ओपनएआई (OpenAI) और टेक्नोलॉजी दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट ( Microsoft) ने उनकी शुरुआती मदद और योगदान के आधार पर अरबों डॉलर का लाभ कमाया है,लेकिन उस लाभ में उन्हें उनका उचित हिस्सा नहीं दिया गया। अदालती दस्तावेजों के अनुसार एलन मस्क ने इन दोनों कंपनियों से कुल मिलाकर 134 अरब डॉलर की रकम की श्रतिपूर्ति के रूप में मांग की है। एलन मस्क का कहना है कि जब उन्होंने 2015 में ओपनएआई की स्थापना में सहयोग किया था, तब यह एक छोटी और शुरुआती दौर की संस्था थी। उस समय उन्होंने न केवल बड़ी मात्रा में पैसा लगाया,बल्कि अपनी पहचान,प्रभाव और नेटवर्क का भी इस्तेमाल किया। उन्होंने 2015 में ओपनएआई की स्थापना के समय लगभग 3.8 करोड़ डॉलर का योगदान दिया था, यह राशि कंपनी की शुरुआती सीड फंडिंग का करीब 60 प्रतिशत थी। इसके अलावा उन्होंने प्रतिभाशाली कर्मचारियों की भर्ती में मदद की, सह-संस्थापकों को प्रभावशाली लोगों से जोड़ा और एक नई एआई पहल को विश्वसनीयता प्रदान की।
Alon Musk का तर्क है कि इन शुरुआती प्रयासों के बिना ओपनएआई आज जिस स्तर पर पहुंची है, वहां तक पहुंचना संभव नहीं होता। मस्क के अनुसार, उनके इस शुरुआती समर्थन की वजह से ही ओपनएआई को निवेशकों का भरोसा मिला, प्रतिभाशाली लोग कंपनी से जुड़े और आगे चलकर कंपनी तेजी से आगे बढ़ी। मस्क ने आंकड़ों के साथ दावा किया है कि उनके योगदान के कारण ओपनएआई (OpenAI) को करीब 65.5 अरब डॉलर से लेकर 109.4 अरब डॉलर तक का आर्थिक लाभ हुआ। वहीं, ओपनएआई के साथ साझेदारी के जरिए माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) को भी 13.3 अरब डॉलर से 25.1 अरब डॉलर तक का फायदा मिला। मस्क का तर्क है कि ये लाभ सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से उनके शुरुआती निवेश और प्रयासों का नतीजा हैं। मस्क इन लाभों को रांगफुल गेन्स यानी गलत तरीके से कमाया गया फायदा बताया है। उनका कहना है कि ओपनएआई की स्थापना एक गैर-लाभकारी संस्था के रूप में की गई थी, जिसका उद्देश्य मानवता के हित में एआई तकनीक विकसित करना था।
बाद में कंपनी ने अपने मूल उद्देश्य से हटकर खुद को मुनाफा कमाने वाली संरचना में बदल लिया और माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के साथ गहरी व्यावसायिक साझेदारी कर ली। एलन मस्क का आरोप है कि यह बदलाव उस समझौते और भावना के खिलाफ है, जिसके तहत उन्होंने शुरुआत में ओपनएआई को समर्थन दिया था। इसी आधार पर एलन मस्क यह दावा कर रहे हैं कि जिस तरह किसी स्टार्टअप में शुरुआती निवेशक को कंपनी की सफलता के बाद बहुत बड़ा रिटर्न मिलता है, उसी तरह ओपनएआई और माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) ने जो विशाल आर्थिक लाभ कमाया है, उस पर उनका भी अधिकार बनता है। इसलिए उन्होंने अदालत से मांग की है कि इन गलत तरह से अर्जित लाभों की भरपाई उन्हें की जाए। एलन मस्क ने कहा अगर उन्होंने ओपनएआई को शुरुआती दौर में पैसा, समय और समर्थन नहीं दिया होता तो आज न ओपनएआई इतनी बड़ी बनती और न ही माइक्रोसॉफ्ट को उससे इतना बड़ा फायदा होता। इन कंपनियों को अब इसकी क्षतिपूर्ति करनी चाहिए।
वहीं दूसरी ओर, ओपनएआई (OpenAI) ने इस मुकदमे को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि यह एलन मस्क द्वारा चलाया जा रहा एक तरह का उत्पीड़न अभियान है। माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) की ओर से भी यह कहा गया है कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि कंपनी ने किसी गलत तरीके से ओपनएआई की मदद की है। दोनों कंपनियों ने फिलहाल इस मुद्दे पर विस्तृत टिप्पणी करने से परहेज किया है। मस्क अब एक्सएआई नाम की अपनी नई एआई कंपनी चला रहे हैं, जिसका चैटबॉट ग्रो़क सीधे तौर पर ओपनएआई के चैटजीपीटी का प्रतिस्पर्धी है। इस संदर्भ में यह कानूनी लड़ाई केवल पैसे तक सीमित नहीं है, बल्कि एआई उद्योग के भविष्य, नैतिकता और संस्थापक उद्देश्यों को लेकर भी बड़े सवाल खड़े करती है। यदि जूरी मस्क के पक्ष में फैसला देती है, तो वह न केवल भारी हर्जाना बल्कि दंडात्मक क्षतिपूर्ति और संभावित निषेधाज्ञा (इंजंक्शन) की भी मांग कर सकते हैं, जिससे ओपनएआई और माइक्रोसॉफ्ट की भविष्य की गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।