Shivani Gupta
15 Jan 2026
वॉशिंगटन डीसी। व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो की अहम मुलाकात हुई। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद यह ट्रंप की किसी भी वेनेजुएलाई नेता से पहली सीधी बातचीत मानी जा रही है। खास बात यह रही कि इस मुलाकात के बाद मचाडो ने दावा किया कि, उन्होंने ट्रंप को अपना नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल भेंट किया। जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी।
गुरुवार को हुई यह बैठक इसलिए भी ऐतिहासिक मानी जा रही है, क्योंकि यह वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद ट्रंप की किसी भी वेनेजुएलाई नेता के साथ पहली प्रत्यक्ष मुलाकात थी। अमेरिका के नेतृत्व में हुए इस एक्शन के बाद वेनेजुएला की सत्ता संरचना अस्थिर हो गई है। पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आगे देश का नेतृत्व कौन संभालेगा।
मारिया कोरिना मचाडो लंबे समय से मादुरो सरकार की मुखर आलोचक रही हैं और उन्हें लोकतंत्र समर्थक नेता के तौर पर अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। ऐसे में उनका व्हाइट हाउस पहुंचना अपने आप में एक बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।
व्हाइट हाउस में हुई यह बैठक पूरी तरह बंद कमरे में हुई और करीब एक घंटे से अधिक चली। बैठक के दौरान किन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई, इसका कोई आधिकारिक ब्योरा सामने नहीं आया। हालांकि, मचाडो ने बैठक के बाद कहा कि, बातचीत सकारात्मक रही और उन्होंने ट्रंप में वेनेजुएला की स्थिति को लेकर स्पष्ट समझ और संवेदनशीलता देखी।
ट्रंप की ओर से बैठक के बाद कोई प्रेस बयान जारी नहीं किया गया, जो आमतौर पर ऐसी उच्चस्तरीय बैठकों के बाद देखने को मिलता है। इस चुप्पी को भी कूटनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
बैठक के बाद जब मचाडो व्हाइट हाउस से बाहर निकलीं, तो उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप को अपना नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल भेंट किया है। उन्होंने इसे वेनेजुएलावासियों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया।
हालांकि, मचाडो ने यह स्पष्ट नहीं किया कि ट्रंप ने उस मेडल को औपचारिक रूप से स्वीकार किया या नहीं। वहीं व्हाइट हाउस की ओर से भी इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई। इसी अनिश्चितता ने इस पूरे घटनाक्रम को और ज्यादा चर्चा में ला दिया।
मचाडो ने इस पूरे घटनाक्रम को ऐतिहासिक संदर्भ से जोड़ते हुए कहा कि, यह कदम अमेरिका और वेनेजुएला के साझा संघर्ष का प्रतीक है। उन्होंने 19वीं सदी के क्रांतिकारी नेता मार्क्विस डी लाफायेट और साइमन बोलिवर का उदाहरण दिया और कहा कि, जैसे तब आजादी की लड़ाई में प्रतीकात्मक उपहार दिए गए थे। वैसे ही आज नोबेल मेडल एक प्रतीक है।
व्हाइट हाउस के बाहर बड़ी संख्या में मचाडो के समर्थक मौजूद थे। जैसे ही वह बाहर आईं, समर्थकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मचाडो ने स्पेनिश भाषा में कहा, हम राष्ट्रपति ट्रंप पर भरोसा कर सकते हैं।
इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने थैंक यू ट्रंप के नारे लगाए। यह दृश्य इस बात का संकेत था कि, मचाडो को वेनेजुएला के प्रवासी समुदाय और विपक्षी समर्थकों का मजबूत समर्थन हासिल है।
हालांकि, ट्रंप ने मचाडो की तारीफ की और उन्हें एक साहसी नेता बताया, लेकिन उन्होंने अब तक उन्हें वेनेजुएला की नई नेता के रूप में समर्थन नहीं दिया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिना लेविट ने साफ किया कि, ट्रंप का आकलन अब भी वही है- मचाडो के पास देश के भीतर पर्याप्त राजनीतिक और संस्थागत समर्थन नहीं है।
फिलहाल अमेरिका डेल्सी रोड्रिग्ज के साथ काम कर रहा है, जिन्हें मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अंतरिम जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह स्थिति दिखाती है कि अमेरिका वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन को लेकर बेहद सतर्क रणनीति अपना रहा है।
मचाडो के बयान के बाद नोबेल फाउंडेशन ने एक बार फिर अपने नियम स्पष्ट किए हैं। संस्थान के अनुसार, नोबेल पुरस्कार की घोषणा के बाद उसे न तो रद्द किया जा सकता है और न ही किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा या ट्रांसफर किया जा सकता है। नोबेल पुरस्कार विजेता की उपाधि हमेशा उसी व्यक्ति के नाम से जुड़ी रहती है, जिसे यह सम्मान दिया गया हो। हालांकि, नोबेल मेडल व्यक्तिगत संपत्ति माना जाता है। इसलिए उसका मालिक बदला जा सकता है। इसका साफ मतलब है कि, भले ही मचाडो ने मेडल किसी को भेंट किया हो, लेकिन नोबेल शांति पुरस्कार की उपाधि उन्हीं के नाम से ही जुड़ी रहेगी।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए मचाडो को अद्भुत महिला बताया। उन्होंने लिखा कि, मचाडो ने उनके द्वारा किए गए प्रयासों के सम्मान में उन्हें नोबेल मेडल प्रदान किया, जिसे उन्होंने आपसी सम्मान का अनोखा भाव कहा। इस पोस्ट के बाद अमेरिका और यूरोप के राजनीतिक हलकों में इस कदम की अलग-अलग व्याख्याएं की जाने लगीं।
बैठक के बाद मचाडो को ट्रंप के नाम और सिग्नेचर वाला एक लाल रंग का गिफ्ट बैग लेकर बाहर निकलते देखा गया। इस बैग में क्या था, इसका खुलासा नहीं किया गया, लेकिन इसे दोनों नेताओं के बीच सकारात्मक माहौल का संकेत माना गया।
जब पत्रकारों ने वेनेजुएला में संभावित चुनावों को लेकर सवाल पूछा, तो व्हाइट हाउस ने साफ किया कि इस बैठक में चुनावों की समयसीमा या प्रक्रिया पर कोई चर्चा नहीं हुई। प्रेस सचिव के मुताबिक, यह मुलाकात मुख्य रूप से विचार-विमर्श और आपसी समझ बढ़ाने के लिए थी।
मारिया कोरिना मचाडो का राजनीतिक जीवन संघर्षों से भरा रहा है।