Mohan Lal Mittal :नहीं रहे स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल के पिता, 99 साल की उम्र में निधन; PM मोदी ने जताया शोक

दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी स्टील कंपनी ArcelorMittal के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन लक्ष्मी निवास मित्तल के पिता और दिग्गज उद्योगपति मोहन लाल मित्तल का निधन हो गया है। उन्होंने लंदन में अपने परिवार के बीच 99 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल सहित कई राजनीतिक और औद्योगिक हस्तियों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
पीएम मोदी और पीयूष गोयल ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि, मोहन लाल मित्तल ने उद्योग जगत में विशिष्ट पहचान बनाई और भारतीय संस्कृति से गहरा जुड़ाव रखा। उन्होंने समाज की प्रगति के लिए कई परोपकारी प्रयासों का समर्थन किया।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि, मोहन लाल मित्तल ने एक मजबूत व्यावसायिक विरासत की नींव रखी, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी। उनकी हिम्मत और समाज सेवा हमेशा याद की जाएगी।
उद्योग जगत के लिए एक युग का अंत
राजस्थान भाजपा नेता सतीश पूनिया ने कहा कि, छोटे से गांव से निकलकर वैश्विक पहचान बनाने वाले मोहन लाल मित्तल का जाना उद्योग जगत के लिए एक युग के अंत जैसा है। उनका जीवन यह साबित करता है कि साधारण शुरुआत से भी असाधारण मुकाम हासिल किया जा सकता है।
राजस्थान के छोटे गांव से वैश्विक सोच तक का सफर
लक्ष्मी मित्तल ने एक बयान में बताया कि, उनके पिता मोहन लाल मित्तल का जन्म राजस्थान के चूरू जिले के राजगढ़ (सादुलपुर) क्षेत्र के एक साधारण और धार्मिक परिवार में हुआ था। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बचपन से ही कठिन परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास को अपना जीवन मंत्र बनाया।
मोहन लाल मित्तल को कॉमर्स और व्यापार में गहरी रुचि थी। वे मानते थे कि सफलता का सबसे बड़ा आधार मेहनत और ईमानदारी है। यही सोच आगे चलकर मित्तल परिवार की व्यावसायिक नींव बनी।
लक्ष्मी मित्तल बोले- पिता असाधारण इंसान थे
लक्ष्मी मित्तल ने पिता को याद करते हुए कहा कि, वे एक असाधारण व्यक्तित्व के धनी थे। उनका जीवन धार्मिक आस्था, मजबूत नैतिक मूल्यों और परिश्रम से प्रेरित रहा। उन्होंने बताया कि, पिता हमेशा जोखिम लेने, नए अवसर तलाशने और सीमाओं से बाहर सोचने के लिए प्रेरित करते थे। जीवन के अंतिम दिनों तक वे मानसिक रूप से सक्रिय रहे और व्यवसायिक विषयों पर मार्गदर्शन देते रहे।
परिवार, रिश्तों और मूल्यों को दी सबसे ज्यादा अहमियत
व्यवसाय में बड़ी सफलता के बावजूद मोहन लाल मित्तल जमीन से जुड़े इंसान रहे। वे परिवार और रिश्तों को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी मानते थे। वे अपने बच्चों, पोते-पोतियों और परपोते-परपोतियों से नियमित संपर्क में रहते थे और जन्मदिन, शादी की सालगिरह, ग्रेजुएशन जैसे मौकों पर मौजूद रहने की पूरी कोशिश करते थे।
ArcelorMittal और लक्ष्मी मित्तल की कारोबारी विरासत
- लक्ष्मी निवास मित्तल वर्ष 1995 में लंदन शिफ्ट हुए थे और वर्तमान में दुनिया की सबसे बड़ी स्टील कंपनी ArcelorMittal के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन हैं।
- वर्ष 2019 में उन्होंने जापान की Nippon Steel के साथ मिलकर Essar Steel का करीब ₹59,000 करोड़ में अधिग्रहण किया, जिसे उस समय की सबसे बड़ी डील माना गया।
- साल 2021 में उन्होंने कंपनी के CEO पद की जिम्मेदारी अपने बेटे आदित्य मित्तल को सौंप दी, हालांकि वे अब भी रणनीतिक फैसलों में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
- लंदन के महंगे इलाके Kensington Palace Gardens, जिसे Billionaires’ Row कहा जाता है। वहां उनकी कई प्रॉपर्टी हैं, जिनमें ‘ताज मित्तल’ सबसे चर्चित है।
- रिपोर्ट्स के मुताबिक, भविष्य में वे दुबई और स्विट्जरलैंड को भी अपना बेस बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं।
- Forbes के अनुसार, लक्ष्मी मित्तल की कुल संपत्ति करीब 24.9 बिलियन डॉलर यानी लगभग 2.26 लाख करोड़ रुपए है, जिसके साथ वे भारत के 12वें और दुनिया के 91वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं।



















